झारखंड: मां की हत्या कर रसोई में दफनाया, फिर ऊपर से कर दिया प्लास्टर, 57 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा, अब जमशेदपुर से गिरफ्तार हुआ बेटा
ओडिशा के पुरी में मां का शव रसोई में दफनाने के मामले में फरार आरोपी मदन गजानन दलेई को 57 दिन बाद जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुरी में मां की मौत के बाद रसोई के फर्श पर सीमेंट डालकर छिपाया गया था शव, दुर्गंध आने पर खुला खौफनाक राज; कई राज्यों में तलाश के बाद पुलिस ने जमशेदपुर से आरोपी को पकड़ा।
जमशेदपुर। ओडिशा के पुरी में मां की कथित हत्या कर उसके शव को घर की रसोई में दफनाने वाला खूंखार बेटा गिरफ्तार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी जमशेदपुर से हुई है। वारदात के 57 दिन तक वो पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन आखिरकार उसकी गिरफ्तारी कर ली गयी है। वारदात के बाद से फरार चल रहे 40 वर्षीय आरोपी बेटे मदन गजानन दलेई को पुलिस ने 57 दिनों की तलाश के बाद झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय आरोपी टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास एक नाश्ते की दुकान पर मजदूरी कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस को उसके जमशेदपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुरी पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ओडिशा ले गई।
रसोई के फर्श के नीचे मिला मां का शव
यह मामला 24 अगस्त को सामने आया था। पुरी में जिस किराए के मकान में मदन अपनी मां अन्नपूर्णा दलेई के साथ रहता था, वहां से तेज दुर्गंध आने लगी। मकान मालकिन मनोरमा साहू ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
सूचना मिलने पर कुंभारपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मकान की तलाशी के दौरान पुलिस की नजर रसोई के फर्श के उस हिस्से पर पड़ी, जिसे हाल ही में नए सिरे से सीमेंट से ढका गया था। संदेह होने पर जब उस जगह की खुदाई कराई गई, तो वहां से महिला का शव बरामद हुआ।मृतका की पहचान अन्नपूर्णा दलेई के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर कंक्रीट की परत बिछाई गई थी। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
बाजार से खरीदा था बालू और सीमेंट
पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह के मुताबिक, मां-बेटे पिछले पांच से छह महीने से किराए के मकान में रह रहे थे। आसपास के लोगों से उनका ज्यादा मेलजोल नहीं था। दोनों सुबह घर से निकलते और रात करीब 11 बजे वापस लौटते थे।पुलिस ने जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो पता चला कि मां-बेटे दिनभर जगन्नाथ मंदिर के पास बैठकर भीख मांगते थे।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि आरोपी ने 21 अगस्त को बाजार से बालू और सीमेंट खरीदा था।पुलिस को संदेह है कि अन्नपूर्णा दलेई की मौत या हत्या 20 अगस्त के आसपास हुई थी। इसके बाद शव को रसोई में दफनाकर ऊपर से सीमेंट डाल दिया गया। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और वारदात के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस की जांच जारी है।
तमिलनाडु से महाराष्ट्र तक तलाश, फिर जमशेदपुर में मिला सुराग
घटना के बाद से मदन फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुरी पुलिस ने ओडिशा के गजपति जिले सहित तमिलनाडु और महाराष्ट्र में भी छापेमारी की। आरोपी के बारे में सूचना देने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी डिजिटल साक्ष्य बहुत कम छोड़ रहा था, जिसके कारण उसकी तलाश में मुश्किलें आ रही थीं। लगातार तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि वह जमशेदपुर लौट आया है और टाटानगर स्टेशन के पास एक नाश्ते की दुकान पर काम कर रहा है।इसके बाद कुंभारपाड़ा थाने की टीम ने जमशेदपुर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूलनामे का दावा, जांच जारी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि, मां की मौत किन परिस्थितियों में हुई, हत्या किस तरीके से की गई और घटना के पीछे क्या वजह थी, इन सवालों की विस्तृत जांच अभी बाकी है।
57 दिनों तक फरार रहने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की जांच में अहम प्रगति हुई है। अब पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और मौत के कारणों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है।











