JTET देने जा रहे हैं तो जरा संभलकर! एक गलती की, तो कर दिये जायेंगे कंगाल, 3 साल तक जेल की खानी पड़ेगी हवा, जानिये अभ्यर्थियों के लिए क्या है निर्देश..

रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थी सावधान हो जाएं! परीक्षा केंद्र में की गई एक छोटी-सी गलती भी उनके भविष्य पर भारी पड़ सकती है। नकल करने या किसी दूसरे अभ्यर्थी को नकल कराने की कोशिश की, तो नौकरी का सपना पूरा होने से पहले ही जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इतना ही नहीं, जेब पर भी ऐसा झटका लगेगा कि आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। परीक्षा में कदाचार करते पकड़े जाने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
दरअसल, झारखंड में एक नवंबर को आयोजित होने जा रही जेटेट परीक्षा को लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए हैं। राज्यभर के 986 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5.65 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए जैक ने गृह विभाग से लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों तक को विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
नकल की तो तीन साल जेल, पांच लाख जुर्माना; नहीं भरा तो भुगतनी होगी अतिरिक्त सजा
जैक की चेतावनी को हल्के में लेना अभ्यर्थियों के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। परीक्षा के दौरान नकल करते या किसी अन्य को नकल कराते पकड़े जाने पर दोषी को तीन साल तक कारावास और पांच लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। अगर अभ्यर्थी जुर्माने की रकम जमा करने में असमर्थ रहता है, तो उसे नौ महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।
सिर्फ अभ्यर्थी नहीं, साजिश में शामिल संस्थानों की भी खैर नहीं
जेटेट में गड़बड़ी की कोशिश करने वालों के लिए कार्रवाई का दायरा और भी बड़ा है। परीक्षा से जुड़े प्रिंटिंग प्रेस, परिवहन एजेंसियों, अधिकृत व्यक्तियों या कोचिंग संस्थानों की संलिप्तता किसी भी अनुचित गतिविधि या साजिश में सामने आती है, तो उन पर दो करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे गंभीर अपराधों में दोषियों को कम से कम 10 साल की जेल और अधिकतम आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
परीक्षा केंद्र में जाने से पहले जान लें ये पांच सख्त नियम
1. बिना जांच प्रवेश नहीं: परीक्षा हॉल में जाने से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की अनिवार्य रूप से फ्रिस्किंग की जाएगी.
2. मोबाइल रखा तो मुश्किल: मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर और नोट्स जैसी प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
3. महिला अभ्यर्थियों की अलग व्यवस्था: महिला उम्मीदवारों की जांच के लिए पर्याप्त संख्या में महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगी.
4. चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर: परीक्षा केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया जाएगा.
5. अंदर-बाहर होगी निगरानी: परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर सुरक्षाकर्मी लगातार गश्त करेंगे, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके.
5.65 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा, प्रशासन की अग्निपरीक्षा!
जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी जरूरी निर्देश देने की मांग की गई है। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए साफ संदेश है- परीक्षा केंद्र पर सिर्फ अपनी तैयारी और मेहनत के दम पर पहुंचें। किसी भी तरह की नकल, जुगाड़ या प्रतिबंधित सामग्री साथ ले जाने की कोशिश भारी पड़ सकती है। एक दिन की परीक्षा के चक्कर में अपना भविष्य और आर्थिक स्थिति दोनों खतरे में डालने की गलती बिल्कुल न करें.।











