J-TET 2026: 10 साल बाद होने वाली परीक्षा पर हेमंत सोरेन की खास अपील, क्या CM की प्रतिष्ठा बचा पाएगा परीक्षा सिस्टम? पहली बार परीक्षा के पहले मुख्यमंत्री ने की है इस तरह की अपील

रांची : एक दशक के लंबे इंतजार के बाद होने जा रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) अब सिर्फ 5.60 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल नहीं रह गई है, बल्कि इस परीक्षा के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य की परीक्षा व्यवस्था की साख भी जुड़ गई है। यही वजह है कि परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए परीक्षार्थियों, अभिभावकों और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी लोगों से विशेष अपील की है। अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री की इस अपील का कितना असर दिखेगा और क्या झारखंड का परीक्षा सिस्टम इस बार बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न करा पाएगा?

आपको बता दें कि एक नवंबर को राज्यभर के 986 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5.60 लाख अभ्यर्थी J-TET की परीक्षा में शामिल होंगे। लंबे इंतजार, परीक्षा को लेकर हुए बदलावों और प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन पर उठते रहे सवालों के बीच यह परीक्षा सरकार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के साथ-साथ अखबारों के माध्यम से भी अपनी अपील सार्वजनिक की है। उन्होंने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पूरी तरह कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने का आग्रह किया है।
हेमंत सोरेन की अपील क्यों है इतनी अहम?
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर कई बार विवाद सामने आए हैं।कहीं प्रश्नपत्र लीक के आरोप लगे, तो कहीं परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। कई परीक्षाओं और नियुक्ति विज्ञापनों को रद्द करने के फैसले भी हुए, जिन्हें लेकर कानूनी विवाद सामने आए हैं।
ऐसे माहौल में करीब 10 साल बाद हो रही J-TET को लेकर मुख्यमंत्री का खुद सामने आकर अपील करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि परीक्षा की निष्पक्षता केवल जैक या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें परीक्षार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका अहम है।
मुख्यमंत्री ने किन लोगों से क्या अपील की?
हेमंत सोरेन ने अपनी अपील में मुख्य रूप से दो बातों पर जोर दिया है। पहली, परीक्षा हर हाल में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त माहौल में हो. दूसरी, परीक्षा से जुड़े सभी लोग अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी, अनुशासन और पूरी गंभीरता के साथ निभाएं।मुख्यमंत्री की अपील का संदेश साफ है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और उम्मीदों के साथ न्याय होना जरूरी है.
5.60 लाख अभ्यर्थियों की उम्मीद, सरकार के सामने बड़ी चुनौती
J-TET के लिए 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का संचालन करना प्रशासन के लिए भी चुनौतीपूर्ण होगा। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, समय पर परीक्षा संचालन और कदाचार पर नियंत्रण जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष निगरानी रखनी होगी।अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद उन्हें शिक्षक पात्रता हासिल करने का अवसर मिल रहा है। ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी लाखों युवाओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।
अब हेमंत सोरेन की अपील की होगी असली परीक्षा
मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से अपील कर दी है, लेकिन असली तस्वीर परीक्षा के दिन सामने आएगी. क्या सभी 986 केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू रहेगी? क्या 5.60 लाख अभ्यर्थियों को बिना किसी भेदभाव के परीक्षा देने का मौका मिलेगा? क्या इस बार परीक्षा किसी विवाद या अनियमितता के बिना संपन्न होगी?
इन सवालों के जवाब एक नवंबर को मिलेंगे. फिलहाल J-TET सिर्फ अभ्यर्थियों की पात्रता परीक्षा नहीं, बल्कि झारखंड की परीक्षा संचालन व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई है. मुख्यमंत्री की अपील के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार के निर्देश जमीन पर किस तरह लागू होते हैं।











