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झारखंड : 100 रुपये की घूस में चली गई नौकरी! वोटर ID कार्ड व एफिडेविट सुधारने मांगे थे पैसे, वीडियो वायरल होते ही हुई छुट्टी

वोटर ID सत्यापन और एफिडेविट सुधारने के नाम पर 100 रुपये रिश्वत लेने वाले अधिकारी तुलसी श्रीवास्तव सस्पेंड। वीडियो वायरल होने के बाद DC की बड़ी कार्रवाई।

रांची: सरकारी दफ्तर में महज 100 रुपये की रिश्वत लेना एक अधिकारी को इतना महंगा पड़ गया कि उसे अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई। वोटर आईडी कार्ड का सत्यापन करने और एफिडेविट में गलती सुधारने के नाम पर आम नागरिक से 100 रुपये की घूस लेने वाले सहायक प्रशासी पदाधिकारी तुलसी श्रीवास्तव को हजारीबाग के उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रिश्वत लेते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है। हैरानी की बात यह है कि जिन सरकारी कामों को नियमानुसार बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाना चाहिए, उन्हीं के बदले अधिकारी खुलेआम पैसे लेते नजर आए।

100 रुपये की रिश्वत लेते वीडियो वायरल, प्रशासन ने लिया एक्शन

मामला हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल कार्यालय का है। यहां निर्वाचन संबंधी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान वोटर आईडी कार्ड का सत्यापन और एफिडेविट में त्रुटि सुधारने के नाम पर सहायक प्रशासी पदाधिकारी तुलसी श्रीवास्तव द्वारा 100 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था।

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इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कराई। जांच में अधिकारी पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

जांच में सही पाए गए घूसखोरी के आरोप

अनुमंडल पदाधिकारी, बरही की ओर से पत्रांक 579/गो., दिनांक 03 नवंबर 2026 के माध्यम से जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। इस रिपोर्ट में तुलसी श्रीवास्तव पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

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उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि वोटर आईडी कार्ड के सत्यापन और एफिडेविट में सुधार के बदले पैसे की मांग करना सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3.1 (i), (ii) और (iii) का उल्लंघन है।

इसी आधार पर झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-9 (1) (क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।

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निलंबन के दौरान चलकुशा होगा मुख्यालय, मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

निलंबन अवधि के दौरान तुलसी श्रीवास्तव का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय चलकुशा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

महज 100 रुपये की रिश्वत के आरोप में हुई इस कार्रवाई ने सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि आम नागरिकों के जरूरी दस्तावेजों से जुड़े काम में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने पर प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।

4 नवंबर को सभी मतदान केंद्रों पर BLO-BLA2 की बैठक

इधर, झारखंड में SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और इसमें सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 4 नवंबर 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पांचवीं BLO-BLA2 बैठक और पांचवीं चुनाव पाठशाला आयोजित की जा रही है।

यह बैठक पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। इसमें राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) और आम नागरिक भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य SIR प्रक्रिया का सतत ऑडिट करना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखना है।

बैठक में इन दो अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक में मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

1. ऐसे मतदाता जिन्हें संबंधित मतदान केंद्र के BLO की ओर से दूसरा नोटिस दिया गया है और घर जाकर सत्यापन भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नोटिस और सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं।

2. ऐसे पात्र नागरिकों की सूची तैयार करना, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है या जिन्होंने 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त करने के बावजूद फॉर्म-6 जमा नहीं किया है।

इस पहल के जरिए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने और SIR प्रक्रिया में आने वाली कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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