Dhanteras 2026: धनतेरस पर भूलकर भी न खरीदें ये 7 चीजें! लाखों खर्च करने के बाद भी रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, घर में आ सकती है कंगाली
धनतेरस 2026 पर खरीदारी से पहले जान लें कौन सी 7 चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है। लोहा, कांच, प्लास्टिक समेत इन वस्तुओं से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं जानें।

Dhanteras 2026 Shopping Rules: धनतेरस का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। कोई सोना-चांदी खरीदने की तैयारी करता है तो कोई नए बर्तन, झाड़ू, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर की जरूरत की चीजें खरीदता है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर नई वस्तुएं घर लाना सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें खरीदना शुभ नहीं माना जाता? अनजाने में की गई छोटी सी गलती आपकी धनतेरस की खुशियों पर भारी पड़ सकती है।
मान्यता है कि धनतेरस पर अशुभ वस्तुओं की खरीदारी से घर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है और मां लक्ष्मी की कृपा कम हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को धनतेरस की खरीदारी करने बाजार जाने वाले हैं तो पहले जान लीजिए कि किन चीजों को खरीदने से बचना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि हजारों-लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी आप घर में अशुभता लेकर आ जाएं।
धनतेरस पर इन 7 चीजों को खरीदने से बचें
1. लोहे का सामान खरीदने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन लोहा खरीदना शुभ नहीं माना जाता। कुछ लोग लोहे का अलमीरा भी खरीद लेते हैं। लेकिन हिंदू धर्म लोहा शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन लोहे की वस्तुएं घर लाने से दुर्भाग्य और परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए लोग इस दिन लोहे के बर्तन, औजार और अन्य लोहे की वस्तुएं खरीदने से परहेज करते हैं।
2. काले रंग की वस्तुएं न खरीदें
धनतेरस पर काले रंग को शुभ खरीदारी से जोड़कर नहीं देखा जाता। धार्मिक मान्यताओं में काला रंग कई बार नकारात्मकता और अशुभता का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस दिन काले रंग के कपड़े या सजावटी सामान खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि यह परंपरागत मान्यता है, कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं।
3. खाली बर्तन घर न लाएं
धनतेरस पर पीतल, तांबे और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। लेकिन मान्यता है कि नए बर्तन को खाली घर नहीं लाना चाहिए। खरीदारी के बाद उसमें चावल, मिठाई या कोई अन्य शुभ वस्तु रखकर घर लाएं। इसे घर में अन्न और समृद्धि के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
4. धारदार चीजें खरीदने से बचें
धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, छुरी और अन्य धारदार वस्तुएं खरीदने से बचने की मान्यता है। इन्हें काटने और अलगाव का प्रतीक माना जाता है। इसलिए शुभ अवसर पर ऐसी वस्तुओं की खरीदारी टालने की परंपरा है।
5. प्लास्टिक का सामान खरीदने से बचें
धनतेरस पर प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीदारी को पारंपरिक रूप से शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस दिन टिकाऊ धातुओं से बनी वस्तुएं खरीदना अधिक अच्छा होता है। इसलिए पूजा और शुभ खरीदारी के लिए लोग सोना, चांदी, पीतल और तांबे को प्राथमिकता देते हैं।
6. कांच की वस्तुएं खरीदने से बचें
कांच को नाजुक और आसानी से टूटने वाली वस्तु माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर कांच की वस्तुएं खरीदने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि यह अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं पर निर्भर करता है।
7. चमड़े का सामान
धनतेरस पर बाजार से सामान खरीदते समय कुछ भी ना खरीद ले। कुछ लोग सूटकेश, बेल्ट, जूता तक को धनतेरस में खरीदी के नाम पर ले लेते हैं, ये हिंदू मान्यता में सही नहीं है। धार्मिक मान्यता में धनतेरस के दिन चमडे का सामान खरीदना अनिष्ट का कारक बन जाता है। धनतेरस पर क्यों की जाती है खरीदारी?
धनतेरस को धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आरोग्य और चिकित्सा का देवता माना जाता है। वहीं इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने का भी विशेष महत्व है।
इसी वजह से धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल, तांबे के बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुओं से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
लोक-मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुएं अशुभ मानी जाती हैं। ये नियम हर परिवार में थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर ये बातें प्रचलित हैं:
- लोहे या स्टील की वस्तुएं (शनि या राहु से जुड़ी मानी जाती हैं)
- चाकू, कैंची, सुई जैसी धारदार चीजें (रिश्तों में कटुता का प्रतीक)
- कांच या शीशे की वस्तुएं (नाजुक और राहु से संबंधित)
- काले रंग की चीजें (नकारात्मकता का संकेत)
- खाली बर्तन (घर लाते समय उनमें पानी, अनाज या मिठाई भरें)
- तेल और घी (कुछ परिवार पहले से खरीद लेते हैं)
- उधार लेना-देना या क्रेडिट पर खरीदारी
इनसे बचने की सलाह दी जाती है ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
धनतेरस 2026: कब है पूजा का शुभ मुहूर्त?
साल 2026 में धनतेरस का पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। दिल्ली के पंचांग के अनुसार धनतेरस पूजा का शुभ समय शाम लगभग 6:03 बजे से 7:59 बजे तक बताया गया है। इस दौरान भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा की जा सकती है। अलग-अलग शहरों में मुहूर्त में अंतर संभव है, इसलिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।
धनतेरस पर क्या करें कि घर में बनी रहे मां लक्ष्मी की कृपा?
- धनतेरस के दिन घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें।
- मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीपक जलाएं।
- मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विधि-विधान से पूजा करें।
- पूजा में फूल, अक्षत, मिठाई और दीपक अर्पित करें।
- जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
- घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
क्या सच में इन चीजों को खरीदने से नाराज हो जाती हैं मां लक्ष्मी?
धनतेरस पर कुछ वस्तुओं को नहीं खरीदने की मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इन परंपराओं में अंतर भी देखने को मिलता है। इन वस्तुओं को खरीदने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं या व्यक्ति कंगाल हो जाता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए अपनी जरूरत, सुविधा और बजट के अनुसार खरीदारी करें।











