‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ बनी ढाल, कड़ाके की ठंड में प्लेटफॉर्म पर ठिठुरते दो नाबालिगों को RPF ने बचाया
'Operation Nanhe Farishte' became a shield, RPF rescued two minors shivering on the platform in the bitter cold.

Dhanbad 27 दिसंबर : पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल में सुरक्षा बलों की सतर्कता ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। शनिवार को ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (CIB) की संयुक्त टीम ने धनबाद स्टेशन से दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये बच्चे कड़ाके की ठंड में घर से दूर भटक रहे थे।
गश्त के दौरान मिली कामयाबी घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है। आरपीएफ और सीआईबी की टीम निरीक्षक प्रभारी अरबिंद कुमार राम के नेतृत्व में स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 8 पर रूटीन गश्त कर रही थी। इसी दौरान स्टेशन के दक्षिणी छोर पर टीम की नजर दो बच्चों पर पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद बच्चों के बदन पर पर्याप्त कपड़े नहीं थे और वे ठंड से बुरी तरह ठिठुर रहे थे। उनके साथ कोई अभिभावक भी मौजूद नहीं था।
घूमने की चाह में घर से भागे थे बच्चे संदेह होने पर टीम ने बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और पूछताछ की। बच्चों की पहचान रमेश गोराई (12 वर्ष) और बल्लू महली (12 वर्ष) (दोनों काल्पनिक नाम) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों बच्चे पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) के सोनुआ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
बच्चों ने बताया कि वे करीब पांच दिन पहले घर पर बिना बताए घूमने की नीयत से भाग निकले थे। भटकते-भटकते वे धनबाद स्टेशन पहुंच गए, जहां ठंड और भूख से उनकी हालत खराब हो गई थी।
परिजनों को दी जाएगी सूचना सुरक्षा बलों ने तत्काल बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेलवे पुलिस अब बच्चों के परिजनों से संपर्क साधने और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के माध्यम से घर भेजने की तैयारी कर रही है।








