108 एम्बुलेंस कर्मी सड़क पर, स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे..लंबित वेतन और कर्मियों की पुनर्बहाली की रखी मांग, स्वास्थ्य मंत्री मौन

Ranchi: झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को पत्र भेजकर कर्मचारियों की मांगों को अविलंब स्वीकार कर उन्हें धरातल पर लागू करने की मांग की है । संघ ने स्पष्ट किया है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों पर ठोस निर्णय एवं उनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है ।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का वेतन जुलाई 2026 से लंबित है । कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से वेतन कटौती किए जाने तथा एम्बुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण कर्मचारी परेशान हैं । इन समस्याओं से सरकार एवं संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है ।
उन्होंने बताया कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विचार करते हुए 15 से 20 दिनों के भीतर समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था । सरकार के आश्वासन का सम्मान करते हुए संघ ने अपना चरणबद्ध आंदोलन 20 दिनों के लिए स्थगित किया था । लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की ।
संघ की तीन प्रमुख मांगें — सरकार तत्काल करे लागू
*1. 108 एम्बुलेंस सेवा को जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से संचालन शुरू किया जाए।*
*2. सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को पुनः बहाल किया जाए।*
*3. कर्मचारियों के सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार लागू किए जाएं।*
*पूर्व निर्णय लागू हों, नई टेंडर प्रक्रिया पर संघ का विरोध*
प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि संघ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों को लागू करने के बजाय नई कंपनी के माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है । संघ इसका पूर्ण विरोध करता है और मांग करता है कि *नई टेंडर प्रक्रिया के बजाय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्णयों को लागू किया जाए।*
उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 में कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, झारखण्ड सरकार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी थी । इसके बावजूद संबंधित समझौते को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है । संघ ने पूर्व समझौते एवं विभागीय निर्णयों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है ।
*मौखिक आश्वासन नहीं, मांगों का वास्तविक क्रियान्वयन चाहिए*
संघ ने बताया कि 09 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा प्रदेश अध्यक्ष से दूरभाष पर वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया है । संघ इस पहल का स्वागत करता है, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि *जब तक कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार कर उन्हें प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जाता, तब तक केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन स्थगित नहीं किया जाएगा ।*
नीरज तिवारी ने कहा कि संघ वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करने के लिए तैयार है । उन्होंने सरकार से वार्ता की निश्चित तिथि एवं समय निर्धारित कर संघ को सूचित करने का आग्रह किया ।
सरकार से स्पष्ट मांग – निर्णय लें और लागू करें
संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति, 108 एम्बुलेंस सेवा की निरंतरता और आम जनता के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए *तीनों प्रमुख मांगों को तत्काल स्वीकार किया जाए तथा संबंधित विभागों के माध्यम से समयबद्ध तरीके से लागू कराया जाए।












