रांची: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा, दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

रांची। रेप के मामले में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनायी है। राजधानी रांची में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी देवराज महतो को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दो साल पुराने मामले में इस सजा का ऐलान किया गया है। पोक्सो के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दरअसल रेप का यह मामला जून 2024 का है। पीड़िता की मां ने 30 जून 2024 को सिल्ली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपित के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद अदालत ने देवराज महतो को सजा सुनाई।
स्कूल से घर लौट रही छात्रा के साथ हुई थी घटना
प्राथमिकी के अनुसार, घटना 29 जून 2024 की है। उस समय 15 वर्षीय नाबालिग दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह साइकिल से स्कूल गई थी। दोपहर करीब एक बजे स्कूल से घर लौटते समय आरोपित उसका पीछा करने लगा। आरोप के मुताबिक, फुलटांड़ गांव और कुम्हार टीका गांव के बीच चट्टान रोड के पास आरोपित ने छात्रा की साइकिल रोक दी। इसके बाद वह उसे सड़क किनारे ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
घर पहुंचकर मां को बताई पूरी घटना
घटना के बाद नाबालिग वहां से भाग निकली। प्राथमिकी में बताया गया है कि रास्ते में एक रिश्तेदार ने उसे अस्त-व्यस्त हालत में देखा था। घर पहुंचने के बाद छात्रा ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर सिल्ली थाने पहुंची और आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा
मामले की सुनवाई पोक्सो के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत में हुई। अदालत ने देवराज महतो को 20 साल के कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है।
अदालत के इस फैसले के बाद मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सामने आया है।












