रांची: CRPF जवान की मौत मामले में 24 लाख का इन्वेस्टमेंट फ्राड का एंगल, 14 से ज्यादा जवान हुए हैं ठगी के शिकार, हवलदार के VRS ने बड़े साजिश की तरफ किया इशारा, शिक्षिका पत्नी भी मास्टरमाइंड
रांची के तिरिल सीआरपीएफ कैंप में जवान की आत्महत्या की जांच के दौरान निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा। मुख्य आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज।

रांची: CRPF जवान भुवनेश्वर पाल की मौत की जांच में इन्वेस्टिमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा का एंगल आया है। रांची के तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में हवलदार भुवनेश्वर पाल की आत्महत्या के मामले की विभागीय जांच के दौरान एक बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया था। जिसके बाद हवलदार व उसकी शिक्षिका पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले में अब तक प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि 1-दो नहीं 14 जवानों से अब तक इन्वेस्टिमेंट के नाम धोखाधड़ी हुई है।बताया जा रहा है कि निवेश के नाम पर सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना के जवानों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में सीआरपीएफ के सीटीसी टी एंड आईटी (को-एड सीटीओ) के उप प्राचार्य बृजेश कुमार दुबे ने विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
निवेश के नाम पर जवानों को लगाया गया चूना
शिकायत के अनुसार, इस मामले में हवलदार योगेश चंद्र उरांव, उनकी पत्नी पूनम कुमारी, रोशन उरांव और अन्य लोगों पर जवानों से पैसे लेने का गंभीर आरोप है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान ऐसे 14 जवानों की जानकारी सामने आई है, जिनसे 20 लाख से 25 लाख रुपये तक की ठगी की गई है, जिससे कुल रकम करोड़ों रुपये में पहुँचने की बात कही जा रही है। आरोप है कि योगेश चंद्र उरांव ने अपनी अलग-अलग जगहों पर पोस्टिंग के दौरान जवानों को इस कथित निवेश योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था।
60 प्रतिशत सालाना मुनाफे का दिया जाता था झांसा
शिकायतकर्ता के अनुसार, जवानों को ‘मेसर्स रीपाकेल कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर निवेश करने के लिए कहा जाता था। इस कंपनी के सीईओ और संस्थापक के रूप में रोशन उरांव का नाम सामने आया है। इन निवेशों पर करीब 60 प्रतिशत वार्षिक लाभ (रिटर्न) देने का झांसा दिया जाता था। यह योजना असामान्य रूप से अत्यधिक रिटर्न देने वाली थी, और इसका शिकार ज्यादातर वे जवान बनते थे जिन्हें निवेश संबंधी जानकारी कम होती थी। तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप के एक अन्य जवान से भी 25 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है।
मृत जवान ने निवेश किए थे 24 लाख रुपये
प्राथमिकी के मुताबिक, तिरिल कैंप में 27 सितंबर 2026 को एके-47 से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले हवलदार भुवनेश्वर पाल ने भी इस योजना में करीब 24 लाख रुपये लगाए थे। आरोप है कि उन्होंने 15 लाख रुपये व्यक्तिगत कर्ज लेकर रोशन उरांव के खाते में ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा, भविष्य निधि (PF) से 9.8 लाख रुपये निकालने के बाद नौ लाख रुपये हवलदार योगेश चंद्र उरांव की पत्नी पूनम कुमारी के खाते में भेजे थे। विभागीय जांच में इन लेन-देन और मानसिक तनाव की बात सामने आई है, हालांकि आत्महत्या और इस ठगी के बीच के वास्तविक संबंधों की पुष्टि स्वतंत्र जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरोपी हवलदार पर कैंप छोड़कर भागने का आरोप
शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपी हवलदार योगेश चंद्र उरांव 3 अक्टूबर को अपने मामा के लड़के जीतवाहन उरांव के साथ बिना अनुमति कैंप छोड़कर चले गए और 4 अक्टूबर से अनुपस्थित हैं। जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने 30 सितंबर को सीआरपीएफ मुख्यालय में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन दिया था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी के शिक्षिका होने और खुद काम न करने की इच्छा जताई थी। हालांकि, इस घोटाले में नाम आने के बाद उनके वीआरएस आवेदन को स्वीकृति नहीं दी गई। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।












