पारा टीचर न्यूज : झारखंड हाईकोर्ट से पारा शिक्षकों को बड़ा झटका, JSSC शिक्षक परीक्षा 2026 में शामिल होने की मांग पर नहीं मिली अंतरिम राहत
झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC शिक्षक परीक्षा 2026 में शामिल होने की मांग करने वाले 26 पारा शिक्षकों को अंतरिम राहत नहीं दी। जानें पूरा मामला और आगे का विकल्प।

रांची: झारखंड हाईकोर्ट से JSSC शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल होने की अनुमति मांग रहे पारा शिक्षकों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने ऋषिकांत तिवारी समेत 26 अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को शिक्षा विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देकर अपना पक्ष रखने की छूट दी है। इस आदेश से शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करने वाले उन पारा शिक्षकों को झटका लगा है, जो निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर JTET पास करने की शर्त पर भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति चाहते थे।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के तहत नियुक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती में कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के शिक्षक पद शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को लेकर विवाद सामने आया है।
ऋषिकांत तिवारी समेत 26 अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक, यानी कक्षा 1 से 5 के पदों के लिए आयोजित परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं।
JTET पास नहीं, फिर भी परीक्षा में शामिल होने की मांगी अनुमति
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि JSSC के भर्ती विज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित शर्तें निर्धारित की गई हैं। इन शर्तों के तहत अभ्यर्थियों के लिए झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET), केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) या संबंधित पात्रता मानदंडों के अनुरूप अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बताया गया है।
प्रार्थियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने JTET पास नहीं किया है। साथ ही, उनके पास CTET या अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की योग्यता भी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें फिलहाल भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उनका तर्क था कि वे निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर JTET उत्तीर्ण कर लेंगे।
JSSC ने पात्रता शर्तों का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से याचिकाकर्ताओं की मांग का विरोध किया गया। आयोग ने अदालत को बताया कि भर्ती विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से किया इनकार
JSSC की ओर से स्पष्ट किया गया कि जिन अभ्यर्थियों ने JTET, CTET या विज्ञापन के तहत मान्य अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, वे निर्धारित शर्तों के अनुसार पात्रता पूरी नहीं करते हैं।आयोग ने यह भी दलील दी कि पारा शिक्षक कोटि के लिए भर्ती विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के ‘सुनील यादव मामले’ में पारित आदेश के आलोक में जारी किया गया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने याचिकाकर्ताओं को फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसका मतलब है कि अदालत ने इस स्तर पर उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने की मांगी गई अंतरिम अनुमति नहीं दी है।
हालांकि, अदालत ने अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने का विकल्प खुला रखा है। वे विभाग के सामने अपनी मांग और पक्ष रख सकते हैं।यह ध्यान रखना जरूरी है कि अंतरिम राहत नहीं मिलने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि याचिका पर अंतिम फैसला भी हो गया है। मामले के अंतिम नतीजे के संबंध में उपलब्ध जानकारी से कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
5 हजार से अधिक शिक्षक पदों पर होनी है नियुक्ति
JSSC की ओर से इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक भर्ती के तहत कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के लिए 5 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर निर्धारित की गई है।इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए विज्ञापन में दी गई शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी है।
पारा शिक्षकों के लिए आगे क्या विकल्प?
हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ता शिक्षा विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देकर अपनी मांग रख सकते हैं। आगे की प्रक्रिया में विभाग का रुख और मामले से संबंधित न्यायिक आदेश महत्वपूर्ण होंगे।फिलहाल, JTET या अन्य मान्य शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं करने वाले याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट से परीक्षा में शामिल होने की अंतरिम अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में JSSC शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026 में उनकी भागीदारी का सवाल संबंधित पात्रता शर्तों और आगे होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
नोट: भर्ती से जुड़ी पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि और अन्य शर्तों की पुष्टि JSSC के आधिकारिक विज्ञापन से अवश्य करें।












