दुर्गापूजा हादसे की इनसाइड स्टोरी : अचानक होने लगी बारिश, बचने के लिए भीड़ दौड़ी, फिर मच गयी चीख पुकार, 17 की मौत…40 की हालत नाजुक..
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में 17 लोगों की मौत, करीब 40 घायल। पीएम मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया।

कोलकाता। शाम करीब 7:40 बजे बड़ा हादसा हो गया। गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित शारदा पार्क (चोरबागान) सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक बारिश शुरू होने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, जैसे ही तेज बारिश शुरू हुई, पंडाल के बाहर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रही भारी भीड़ बारिश से बचने के लिए अचानक एग्जिट गेट की ओर भागी। इस अफरातफरी के कारण कई लोग सड़क पर गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम 17 लोगों की मौत हुई है। 40 घायल है, जिसमें से कईयों की हालत गंभीर है।
दुर्गा पूजा की खुशियों के बीच शनिवार शाम कोलकाता में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में सप्तमी की शाम दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भारी बारिश से बचने और आगे बढ़ने की कोशिश में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 17 लोगों की मौत होने और करीब 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
बारिश शुरू होते ही बिगड़े हालात, भीड़ के दबाव से मची अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान में हादसा हुआ। उस समय दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए लोग अचानक आगे की ओर बढ़ने लगे, जिससे भीड़ का दबाव बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि भीड़ के दबाव में कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। देखते ही देखते पूजा की रौनक अफरा-तफरी और चीख-पुकार में बदल गई। श्रद्धालुओं के बीच मची इस भगदड़ में कई लोग घायल हो गए।
एग्जिट गेट का हिस्सा ढहने की भी आई जानकारी
हादसे को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि पूजा पंडाल के निकास द्वार यानी एग्जिट गेट के ढांचे का एक हिस्सा ढह गया था। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर सामने आ रही अलग-अलग जानकारियों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, बारिश के दौरान भारी भीड़ के चलते चोरबागान के शारदा पार्क पूजा पंडाल के एग्जिट गेट पर भगदड़ की घटना हुई। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचाए गए घायल, कई एजेंसियां तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, कंट्रोल रूम और डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को निकालकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर भेजी गई, ताकि जरूरतमंदों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके।
हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और घटनास्थल पर स्थिति नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के साथ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
सप्तमी की शाम हुए इस हादसे ने दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल को गहरे दुख में बदल दिया है। घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, बारिश के दौरान सुरक्षित आवाजाही और निकास द्वारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषित सहायता के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।












