LPG Cylinder Storage Rules: आप भी घर में गैस सिलेंडर का स्टॉक तक नहीं रख रहे, जानिये कितने सिलेंडर रखने पर हो सकती है कार्रवाई, कितनी सजा का है प्रावधान, जरूर पढ़ें ये खबर
LPG Cylinder Storage Rules: You too are not keeping a stock of gas cylinders at home, know how many cylinders can be used for storage, what is the punishment, definitely read this news.

देश के कई हिस्सों में LPG गैस को लेकर जमाखोरी और कालाबाजारी की खबरों के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर घर में कितने गैस सिलेंडर रखना नियमों के मुताबिक सही है। सरकार ने साफ किया है कि गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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LPG Gas cylinder/14.3.26 : LPG गैस सिलेंडर को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। कई जगहों पर गैस की किल्लत की खबरें आ रही है, तो कई जगहों पर जमाखोरी पर प्रशासनिक कार्रवाई भी चल रही है। कई जगहों से ऐसी खबरें सामने आई हैं कि लोग जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक कर घरों में स्टॉक कर रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आई हैं। हाल ही में बिहार-झारखंड में जमाकर रखे गये LPG गैस सिलेंडर मिलने का मामला सामने आया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
इन घटनाओं के बाद आम लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर घर में कितने LPG सिलेंडर रखना नियमों के अनुसार सही है और ज्यादा सिलेंडर जमा करने पर क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।आम तौर पर गैस बुकिंग करने के दो से तीन दिन के भीतर उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी मिल जाती है। इसलिए लोगों को घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करने या घर में जमा करने की जरूरत नहीं है।
घर में कितने गैस सिलेंडर रखना नियमों के मुताबिक सही है?
आपको जानना जरूरी है कि घरेलू गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए LPG गैस सिलेंडर रखने के कुछ तय नियम होते हैं। ये नियम सुरक्षा और गैस की सही आपूर्ति बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं। आम तौर पर एक सामान्य घरेलू कनेक्शन पर 14.2 किलो के दो सिलेंडर रखने की अनुमति होती है। इनमें से एक सिलेंडर उपयोग में रहता है, जबकि दूसरा सिलेंडर बैकअप के तौर पर रखा जाता है। जब एक सिलेंडर खत्म हो जाता है, तब तुरंत दूसरे सिलेंडर का उपयोग किया जा सकता है और खाली सिलेंडर को दोबारा भरवाने के लिए बुक किया जाता है। देश की ज्यादातर गैस कंपनियों में यही व्यवस्था लागू रहती है।
जानिये कब माना जाता है गैस सिलेंडर की जमाखोरी?
अगर कोई व्यक्ति अपनी जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा कर लेता है, तो उसे जमाखोरी माना जा सकता है। खासकर तब जब किसी घर या गोदाम में कई भरे हुए सिलेंडर एक साथ रखे पाए जाएं। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) को व्यावसायिक काम में इस्तेमाल करना, गैस बुकिंग के नियमों का गलत फायदा उठाना या ज्यादा कीमत पर सिलेंडर बेचने की कोशिश करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।ऐसे मामलों की शिकायत मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभाग जांच करते हैं। अगर जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
जमाखोरी करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?
भारत में LPG गैस को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए इसकी कालाबाजारी या जमाखोरी को कानून गंभीर अपराध मानता है। नियमों के तहत अधिकारियों को अधिकार है कि वे अतिरिक्त सिलेंडर जब्त कर सकते हैं और दोषी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं।कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर तीन महीने से लेकर सात साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि अगर कहीं भी गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है।








