झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था हो जाएगी ठप्प!… 108 एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर, मरीज को ढोते ढोते एंबुलेंस कर्मचारी खुद हो गए मरीज, फिर भी विभाग की नहीं टूटी नींद…
Jharkhand's health system will come to a standstill... 108 ambulance workers are on strike, while transporting patients, the ambulance workers themselves have become patients, yet the department remains unperturbed...

रांची/14.3.26: झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी सेवा प्रदाता संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 108 झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ द्वारा 13 मार्च 2026 को श्रम भवन, डोरंडा, रांची के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। इसके परिणामस्वरूप 12 मार्च 2026 की दोपहर 02:00 बजे से लेकर 14 मार्च 2026 की सुबह 08:00 बजे तक प्रदेश में 108 एम्बुलेंस सेवाएं बाधित रहेंगी।
हड़ताल के मुख्य कारण
- संघ का आरोप है कि सेवा संचालक संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन’ द्वारा विगत कई वर्षों से श्रम कानूनों का उल्लंघन, भ्रष्टाचार और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
- साथ ही, पूर्व में हुए लिखित समझौतों के अनुपालन में विफलता और संघ की वैध मांगों की लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
- संगठन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान या कार्रवाई नहीं हो सकी है।
आपातकालीन सेवाओं के लिए राहत
हड़ताल के बावजूद, जनहित और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए संघ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
- धरना-प्रदर्शन के दौरान राज्य के प्रत्येक जिले में 5 से 7 एम्बुलेंस सेवाएं संचालित रखी जाएंगी।
- इन एम्बुलेंसों पर तैनात कर्मचारी प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे और नियमित रूप से अपनी सेवाएं देंगे।
- इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब, असहाय और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को 108 एम्बुलेंस सेवा निर्बाध रूप से उपलब्ध होती रहे।
प्रशासन की ओर से सूची सौंपने में देरी
संघ ने 2 मार्च 2026 को राज्य के सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर 9 मार्च 2026 तक उन 5-7 एम्बुलेंस नंबरों की सूची मांगी थी जिन्हें संचालित रखा जाना है। इसकी सूचना सभी उपायुक्तों और एम. डी. एन. एच. एम. को भी दी गई थी। किंतु, प्रशासन की ओर से संगठन को कोई सूची प्राप्त नहीं हुई। सूची प्राप्त न होने के कारण, संगठन स्वयं प्रत्येक जिले में 5-7 आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवाएं संचालित रख रहा है ताकि जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित न हों।










