झारखंड- चुनाव ड्यूटी में गये शिक्षक का 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से सुराग नहीं, 12 साल से गायब मतदानकर्मी की पत्नी को अब डीसी ने दिया 10 लाख का चेक
Jharkhand: No Trace of Teacher Sent on Election Duty Since 2014 Lok Sabha Polls; DC Hands Over ₹10 Lakh Cheque to Wife of Polling Official Missing for 12 Years.

लोकसभा चुनाव में गढ़वा के शिक्षक मार्टिन कच्छप की भी ड्यूटी लगी थी। चुनाव के बाद सभी मतदानकर्मी लौट आये, लेकिन मतदानकर्मी मार्टिन कच्छप आज तक नहीं लौट पाये। इंतजार को 12 साल हो गये, लेकिन मार्टिन कच्छप कहां हैं, किस हालत में हैं, किसी को पता नहीं है। अब 12 साल बाद गढ़वा के डीसी ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। उपायुक्त दिनेश यादव ने उनकी पत्नी किरण तिर्की को चेक सौंपकर संवेदना व्यक्त की।
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गढ़वा। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद दो बार केंद्र में दो बार सरकार बन गयी, झारखंड के कई मुख्यमंत्री बदल गये, लेकिन चुनाव कराने गये शिक्षक मार्टिन कच्छप का अब तक पता नहीं चल पाया। 2014 लोकसभा चुनाव में झारखंड के गढ़वा जिले से शिक्षक मार्टिन की भी ड्यूटी लगी थी। लेकिन चुनाव ड्यूटी के बाद से रहस्यमय तरीके से मार्टिन कच्छप लापता हो गये। अब प्रभावित परिवार को जिला प्रशासन ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
यह सहायता राशि जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा उनकी पत्नी किरण तिर्की को सौंपा गया।बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्टिन कच्छप ने डाल्टेनगंज के बाजार समिति स्थित वज्रगृह में मतपेटी जमा की थी। इसके बाद से वह अचानक लापता हो गए और आज तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया था।
प्रशासन द्वारा दी गई यह सहायता मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत दी गई है, ताकि लंबे समय से आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार को कुछ राहत मिल सके। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सुशील कुमार राय भी मौजूद रहे।
मार्टिन कच्छप के लापता होने के बाद उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उनके मासूम पुत्र की मौत भी अपने पिता के लौटने की उम्मीद में हो गई। परिवार के अन्य छोटे बच्चे ननिहाल में रहने को मजबूर हो गए, जबकि उनकी पत्नी किरण तिर्की को जीविका चलाने के लिए बिहार की राजधानी पटना में एक निजी स्कूल में काम करना पड़ा।
इस मामले को तब नई दिशा मिली जब 3 नवंबर 2025 को एक मीडिया टीम ने मार्टिन कच्छप के घर पहुंचकर उनकी स्थिति को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और परिवार की मदद के लिए पहल की गई। अब जाकर यह आर्थिक सहायता परिवार के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम भले ही देर से उठाया गया हो, लेकिन इससे प्रशासन की संवेदनशीलता झलकती है। हालांकि, अभी भी मार्टिन कच्छप के लापता होने का रहस्य बना हुआ है, फिलहाल, जिला प्रशासन द्वारा दी गई 10 लाख रुपये की सहायता राशि से परिवार को आर्थिक सहारा मिला है









