घूसखोर गिरफ्तार: दाखिल-खारिज के नाम पर ले रहा था घूस, 6500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पहले मांगे थे 10000 रुपये, लेकिन….
Briber arrested: Was taking bribe in the name of mutation, arrested red-handed taking bribe of Rs 6500, had earlier asked for Rs 10000, but…

Regional News : राजस्व अधिकारी को 6,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जमीन के दाखिल-खारिज के बदले घूस मांगने की शिकायत के बाद की गई इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड कार्यालय में कार्यरत राजस्व अधिकारी को निगरानी विभाग की टीम ने 6,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान विजय कुमार सिंह के रूप में हुई है।
इस कार्रवाई के बाद न केवल प्रखंड कार्यालय, बल्कि पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई के तुरंत बाद आरोपी राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को अपने कब्जे में लेकर पटना रवाना कर दिया, जहां उससे पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी और इसके लिए पहले मामले का सत्यापन किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बरौली प्रखंड के बघेजी गांव निवासी शैलेंद्र शाह अपनी जमीन के दाखिल-खारिज के लिए लंबे समय से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। शैलेंद्र शाह की करीब 9 डिसमिल जमीन का दाखिल-खारिज होना था, जिसके लिए वे संबंधित राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह से संपर्क में थे। आरोप है कि राजस्व अधिकारी ने दाखिल-खारिज के एवज में उनसे 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शैलेंद्र शाह ने बताया कि वह इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ थे, लेकिन इसके बावजूद राजस्व अधिकारी बार-बार पैसों की मांग कर रहे थे और यह साफ तौर पर कहा जा रहा था कि बिना रिश्वत के उनका काम नहीं होगा। कई बार बातचीत और मुलाकात के बाद रिश्वत की रकम 10,000 रुपये से घटाकर 6,500 रुपये पर तय की गई।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
रिश्वत देने में असमर्थ होकर और लगातार दबाव से परेशान होकर शैलेंद्र शाह ने पटना स्थित निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में यह पुष्टि हो गई कि वास्तव में राजस्व अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
इसके बाद निगरानी विभाग ने एक विशेष धावा दल का गठन किया। तय योजना के अनुसार, जैसे ही राजस्व अधिकारी ने शैलेंद्र शाह से 6,500 रुपये रिश्वत ली, मौके पर मौजूद निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग का बयान
निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला जमीन के दाखिल-खारिज से जुड़ा था। उन्होंने कहा,“परिवादी शैलेंद्र शाह ने निगरानी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पूरे मामले का सत्यापन किया गया, जिसमें यह प्रमाणित हुआ कि राजस्व अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके बाद मेरे नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया और आज राजस्व अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को पटना ले जाया जा रहा है।”









