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शिक्षिकाओं को होली के पहले खुशखबरी, हर महीने के वेतन के साथ मिलेगी 730 दिनों की स्पेशल छुट्टी, राज्य सरकार 15 दिन के भीतर जारी कर देगी आदेश

Good news for female teachers ahead of Holi: 730 days of special leave will be provided along with their monthly salary. The state government will issue the order within 15 days.

महिला शिक्षिकाओं के लिए अच्छी खबर है। अब शिक्षिकाओं को हर महीने के वेतन के साथ 730 दिनों की छुट्टी मिलेगी। इस मामले में इसी महीने आदेश जारी कर दिया जायेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि शिक्षिकाओं के अवकाश को लेकर संशोधन का आदेश जल्द ही जारी कर दिया जायेगा।

Lady Teacher Special Leave : महिला शिक्षिकाओं को होली के पहले बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया है कि शिक्षिकाओं को अब हर महीने के वेतन के साथ 730 दिनों की स्पेशल छुट्टी मिलेगी। पहले शिक्षिकाओं को छुट्टी के दौरान वेतन जारी नहीं किया जाता था, छुट्टी से लौटने के बाद उनके वेतन का भुगतान होता था। लेकिन, अब अवकाश नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस संबंध में आदेश इसी महीने जारी हो जायेगा।

बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्कूल शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि स्कूलों में 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave – CCL) के संबंध में शिक्षा विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 15 दिनों के भीतर इससे संबंधित औपचारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री सदन में प्रो. संजय कुमार सिंह और डा. नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला शिक्षकों की सुविधाओं और अधिकारों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। नई एसओपी लागू होने के बाद शिक्षिकाओं को अवकाश संबंधी नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे, जिससे अनावश्यक भ्रम और प्रशासनिक जटिलताओं में कमी आएगी।

मातृत्व अवकाश में वेतन भुगतान व्यवस्था में बदलाव

मंत्री सुनील कुमार ने मातृत्व अवकाश से जुड़ी वेतन भुगतान प्रणाली में किए गए सुधारों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में मातृत्व अवकाश समाप्त होने के बाद स्कूल में जॉइन करने पर शिक्षिकाओं को एकमुश्त वेतन का भुगतान किया जाता था। इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब हर माह नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया गया है।मंत्री के अनुसार, शिक्षा विभाग इस संबंध में लगभग तीन माह पूर्व ही अलग से एसओपी जारी कर चुका है। नई व्यवस्था से महिला शिक्षकों को आर्थिक असुविधा से राहत मिलेगी और अवकाश अवधि के दौरान वित्तीय स्थिरता बनी रहेगी।

बेंच-डेस्क खरीद में गड़बड़ी पर सख्ती

सदन में उठे दूसरे प्रश्न के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने बेंच-डेस्क खरीद से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एसी-डीसी बिल (Adjustment Contingent Bill) जमा नहीं करने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है।मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऑडिट के दौरान किसी भी प्रकार के गबन या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एसी-डीसी बिलों की हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है, ताकि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

डीईओ के माध्यम से नहीं होगी अब आपूर्ति

खरीद प्रक्रिया में सुधार की दिशा में एक और बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्री ने घोषणा की कि अब बेंच-डेस्क की आपूर्ति जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के माध्यम से नहीं की जाएगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किया जा चुका है।मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, नियंत्रित और जवाबदेह बनेगी। विभागीय स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।

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