Holi 2026: होली की तारीखों पर असमंजस खत्म! जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और जानिए कब मनाया जाएगा रंगों का त्योहार, 3 मार्च का सस्पेंस भी खत्म…
Holi 2026: The confusion over Holi dates is over! Learn the auspicious time for Holika Dahan and the exact date of the festival of colors. The suspense over March 3rd is also over...

होली Update News| 1 मार्च, 2026: इस साल होली के त्योहार को लेकर श्रद्धालुओं के बीच बना संशय अब समाप्त हो गया है। ज्योतिषीय गणनाओं और खगोलीय घटनाओं (चंद्र ग्रहण) के कारण इस बार होलिका दहन और रंगोत्सव की तारीखों में विशेष बदलाव देखने को मिल रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा पर इस बार चतुर्ग्रही योग और बुधादित्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो साधना के लिए अत्यंत फलदायी है। पढ़िए 3 या 4 मार्च वाली सस्पेंस पर क्यों लग गया विराम?
होलिका दहन: 2 मार्च को शुभ मुहूर्त
पंडित के अनुसार, भद्रा मुख का त्याग कर प्रदोष काल में होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत है।
- होलिका दहन तिथि: 2 मार्च, सोमवार
- शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल): शाम 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक।
- विशेष सावधानी: 2 मार्च की रात 2:38 बजे से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक ‘भद्रा मुख’ रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं।
3 मार्च को क्यों नहीं मनेगी होली?
इस बार 3 मार्च (मंगलवार) को फाल्गुन पूर्णिमा पर खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है। ग्रहण के कारण सूतक काल प्रभावी रहेगा, जिससे रंग खेलना निषिद्ध होगा।
- ग्रहण का समय: दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:45 बजे तक (कुल अवधि: 3 घंटे 27 मिनट)।
- सूतक काल: ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले यानी सुबह 6:20 बजे से ही सूतक लग जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और किसी भी प्रकार का उत्सव या शुभ कार्य नहीं होगा।
रंगोत्सव (धुलेंडी): 4 मार्च को मनेगी होली
चंद्र ग्रहण और सूतक के प्रभाव के कारण इस बार रंगों का त्योहार 4 मार्च (बुधवार) को मनाया जाएगा। ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिलता है जब होलिका दहन और रंग खेलने के बीच एक दिन का अंतराल हो।
सावधान: होली पर इन गलतियों से बचें
शास्त्रों के अनुसार, होली के पावन अवसर पर कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
इन वस्तुओं का दान न करें:
- दूध, दही, और चीनी।
- सरसों का तेल, लोहा, स्टील या कांच का सामान।
- पुराने या फटे हुए वस्त्र।
इन बातों का रखें ध्यान:
- पैसों का लेनदेन: इस दिन किसी को उधार देने से बचें, मान्यता है कि इससे आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।
- पहनावा: काले रंग के कपड़े पहनने से बचें। साफ-सुथरे और शुभ रंगों के वस्त्र धारण करें।
- खान-पान: मांस-मदिरा और तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज रखें।
ज्योतिषीय महत्व: इस बार कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, बुध और राहु का मिलन ‘चतुर्ग्रही योग’ बना रहा है। पंडितों का मानना है कि नियम और संयम के साथ की गई पूजा इस बार विशेष समृद्धि लेकर आएगी।








