पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड : 9 लोगों की मौत और मंदिर की सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड, शीतला माता मंदिर…
Five Police Personnel Suspended: Major Action Taken Following 9 Deaths and Temple Security Concerns; Five Officers, Including an Inspector, Suspended — Sheetla Mata Temple...

मंदिर में भगदड़ से 9 लोगों की मौत के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SHO सहित 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया और पीड़ितों को तत्काल मुआवजा दिया।
________________________________________
5 Policeman Suspend: 9 श्रद्धालुओं की मौत मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना में कई श्रद्धालु अभी भी गंभीर रूप से घायल है। नालंदा जिले के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में मंगलवार को हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे को लेकर घटना के बाद राज्य सरकार हरकत में आई और तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए गए।
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार ने मामले में तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने बताया कि घटना के कुछ ही समय बाद संबंधित थाना प्रभारी (SHO) और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को महज चार घंटे के भीतर मुआवजे की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री राहत कोष से भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

क्या थी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद परिसर में अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाई गई थीं, जिससे आने-जाने का रास्ता काफी संकरा हो गया था। जैसे ही भीड़ अचानक बढ़ी, लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और भगदड़ की स्थिति बन गई।
घटना के बाद डीजी ऑपरेशन और स्पेशल ब्रांच के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने में बड़ी चूक हुई है, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
अन्य मुद्दों पर भी बोले मंत्री
इस दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे बिहार से बाहर रहकर अपराध पर बयानबाजी करते हैं, जबकि राज्य में कानून का राज है और अपराधियों को सजा मिलती है।वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठने पर उन्होंने कहा कि 2025 से 2030 ही नहीं, बल्कि आगे भी राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में ही चलेगी।









