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IAS का इस्तीफा : 2022 में बने थे IAS, चार साल बाद ही छोड़ दी नौकरी, वकील को करायी थी उठक बैठक, पढ़ाई के दौरान हुई थी फायरिंग…

IAS Officer Resigns: Appointed in 2022, He Quit the Job Just Four Years Later; Had Made a Lawyer Perform 'Sit-Ups'; Firing Incident Occurred During His Studies...

2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने पोस्टिंग और काम नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
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IAS Rinku Singh Resign: IAS रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा दे दिया है। 2022 बैच के इस यंग IAS के इस्तीफे की खबर से हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के इस युवा IAS अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए न केवल सिस्टम पर सवाल उठाए हैं, बल्कि अपनी स्थिति को “नैतिक संकट” बताते हुए एक बड़ा संदेश भी दिया है।

जानकारी के मुताबिक, IAS रिंकू सिंह राही लंबे समय से सक्रिय फील्ड पोस्टिंग से दूर थे और उन्हें राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्पष्ट कहा है कि उन्हें न तो कोई जिम्मेदारी दी जा रही थी और न ही जनसेवा का अवसर मिल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि “वेतन मिल रहा था, लेकिन काम करने का अवसर नहीं, ऐसे में पद पर बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं है।”

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राही ने अपने इस्तीफे में एक और गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” काम कर रहा है, जिसके कारण वे अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा पा रहे थे। उनके इस बयान ने प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है।

विवादों से रहा है नाता

IAS रिंकू सिंह राही उस समय चर्चा में आए थे, जब शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में उपजिलाधिकारी (SDM) के रूप में पदभार संभालने के अगले ही दिन उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और एक व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करने की सजा दी। इस घटना के बाद वकीलों में भारी नाराजगी फैल गई और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद उन्हें साइडलाइन करते हुए राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया।

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संघर्षों से भरा रहा करियर

रिंकू सिंह राही का करियर संघर्ष और साहस की मिसाल रहा है। वर्ष 2009 में उन्होंने करीब 100 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस खुलासे के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन पर सात गोलियां चलाई गईं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में सिविल सेवा परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बने।वे मूल रूप से हाथरस जिले के रहने वाले हैं और इससे पहले 2004 में PCS परीक्षा पास कर जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

रिंकू सिंह राही का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर उठे बड़े सवालों का संकेत भी माना जा रहा है। उनका कहना है कि यदि IAS अधिकारियों को काम करने का अवसर ही नहीं दिया जाएगा, तो जनसेवा का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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