Foamy Urine: पेशाब में रोज दिखता है झाग? कहीं किडनी तो नहीं दे रही खराब होने का संकेत, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पेशाब में बार-बार झाग आना प्रोटीनुरिया और किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। जानें इसके कारण, लक्षण, जरूरी टेस्ट और बचाव के उपाय।

Health News: शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव कई बार किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकते हैं। अक्सर लोग पेशाब करते समय झाग दिखाई देने को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कभी-कभार ऐसा होना चिंता की बात नहीं है, लेकिन यदि हर दिन या बार-बार पेशाब में झाग बन रहा है, तो सावधान होने की जरूरत है।
दरअसल, लगातार झागदार पेशाब किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यह प्रोटीनुरिया (Proteinuria) नामक स्थिति की ओर इशारा कर सकता है, जिसमें पेशाब के रास्ते शरीर से प्रोटीन बाहर निकलने लगता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पेशाब में झाग बनने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
आखिर पेशाब में झाग क्यों बनता है?
पेशाब में झाग बनने के कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं। कई बार तेज गति से पेशाब करने पर मूत्र टॉयलेट में मौजूद पानी से टकराता है, जिससे हवा के बुलबुले बन जाते हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण पेशाब गाढ़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी झाग दिखाई दे सकता है।यदि पर्याप्त पानी पीने के बाद झाग कम हो जाता है, तो इसकी वजह डिहाइड्रेशन हो सकती है। हालांकि बार-बार ऐसा होना जांच की जरूरत पैदा करता है।
क्या झागदार पेशाब किडनी खराब होने का संकेत है?
लगातार झागदार पेशाब को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसके पीछे प्रोटीनुरिया एक संभावित वजह हो सकती है। सामान्य स्थिति में किडनी रक्त को फिल्टर करके अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है और जरूरी प्रोटीन को शरीर में बनाए रखती है।लेकिन जब किडनी के फिल्टर ठीक से काम नहीं करते, तो प्रोटीन पेशाब में निकलने लगता है। इसे प्रोटीनुरिया कहते हैं। यह क्रोनिक किडनी डिजीज और नेफ्रोटिक सिंड्रोम जैसी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है।
इन बीमारियों की वजह से भी आ सकता है झाग
पेशाब में बार-बार झाग आने के पीछे कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
• डायबिटीज: लंबे समय तक ब्लड शुगर नियंत्रित न रहने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
• हाई ब्लड प्रेशर: लगातार बढ़ा हुआ रक्तचाप किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
• यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI): यूरिन इंफेक्शन के कारण पेशाब में बदलाव दिखाई दे सकता है।
• किडनी संबंधी बीमारी: किडनी के फिल्टर प्रभावित होने पर पेशाब में प्रोटीन आने की समस्या हो सकती है।
खानपान और दवाइयां भी हो सकती हैं वजह
कई बार पेशाब में झाग दिखाई देने का कारण कोई गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतें होती हैं। शरीर में पानी की कमी, कुछ दवाइयों का प्रभाव और टॉयलेट पॉट में मौजूद साबुन या डिटर्जेंट के कारण भी झाग बन सकता है। इसलिए केवल एक-दो बार झाग दिखाई देने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
कब हो जाएं सावधान? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि पेशाब में झाग लगातार दिखाई दे रहा है और इसके साथ दूसरे लक्षण भी नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
• पेशाब करते समय जलन या दर्द होना।
• बार-बार पेशाब आना।
• हाथों, पैरों या चेहरे पर सूजन होना।
• पेशाब के रंग में असामान्य बदलाव।
• पेशाब की मात्रा में बदलाव होना।
ऐसे लक्षण किडनी या यूरिन से जुड़ी समस्या की ओर संकेत कर सकते हैं।
कौन-से टेस्ट कराना जरूरी है?
डॉक्टर समस्या का कारण जानने के लिए यूरिन रूटीन टेस्ट, यूरिन एल्ब्यूमिन-क्रिएटिनिन रेशियो (UACR) और ब्लड क्रिएटिनिन टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर eGFR के जरिए किडनी की कार्यक्षमता भी जांची जाती है।
बचाव के लिए क्या करें?
• दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
• डायबिटीज और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
• बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का लंबे समय तक सेवन न करें।
• पेशाब में लगातार झाग दिखने पर जांच कराने में देरी न करें।
जरूरी बात: पेशाब में झाग आना हमेशा किडनी की बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसकी जांच जरूर कराएं। समय पर बीमारी का पता चलने से किडनी को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव में मदद मिल सकती है।












