Cabinet का बड़ा फैसला: दूसरी शादी करने पर जाएगी सरकारी नौकरी, भविष्य में भी नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी
Cabinet Decision: दूसरी शादी करने पर जाएगी सरकारी नौकरी, भविष्य में भी लगेगा बैन

Cabinet News: सरकारी कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने बड़ा डिसीजन लिया है।एक से ज्यादा विवाह करने कर कर्मियों को सीधा बर्खास्त किया जाएगा। ये निर्णय आते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई है। असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुविवाह को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब असम सरकार का कोई कर्मचारी पहली पत्नी या पति के जीवित रहते दूसरी शादी करता पाया गया और विभागीय जांच में दोषी साबित हुआ, तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।
इतना ही नहीं, बर्खास्त कर्मचारी भविष्य में भी सरकारी नौकरी पाने के लिए अयोग्य होगा।यह फैसला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में 3 नवंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया को दी।
सेवा नियमों में होगा संशोधन
कैबिनेट ने असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अब पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले ऐसे मामलों में निलंबन जैसी कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब दोषी पाए जाने पर कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही भविष्य में सरकारी सेवा के लिए भी उसकी पात्रता समाप्त हो जाएगी।
सभी धर्म के कर्मी पर लागू होगा फैसला
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना लागू होगा। यानी सरकार का कहना है कि हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समेत सभी समुदायों के सरकारी कर्मचारियों पर यह नियम लागू होगा।
यह फैसला राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े कानूनी बदलावों के बीच लिया गया है।
पहले से भी लागू थी दूसरी शादी पर रोक
गौरतलब है कि असम सरकार ने अक्टूबर 2023 में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक आदेश जारी किया था। इसके तहत पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने से पहले सरकार की अनुमति लेना जरूरी किया गया था। अब सरकार ने इसके उल्लंघन पर सजा को और कठोर करने का फैसला किया है। अब नए प्रावधान के तहत बर्खास्तगी की जाएगी।
महिला अधिकारों और लैंगिक न्याय का दिया हवाला
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना और सरकारी सेवा में अनुशासन बनाए रखना है।असम कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुविवाह करना नौकरी पर भारी पड़ सकता है। विभागीय जांच में दोषी साबित होने पर न केवल वर्तमान नौकरी जाएगी, बल्कि भविष्य में सरकारी नौकरी पाने का रास्ता भी बंद हो सकता है।











