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पार्किंग बनाम पेशेंट: सदर अस्पताल की ज़मीन पर अधिवक्ता-डॉक्टर आमने-सामने, अस्पताल की दीवार तोड़ने पर अड़े अधिवक्ता, डॉक्टरों का ऐलान—1 इंच ज़मीन नहीं देंगे”

Parking vs. Patients: Lawyers and doctors clash over land at Sadar Hospital; lawyers insist on demolishing the hospital wall, while doctors declare, "We won't give up an inch of land."

Dhanbad/ 31.1.26: जिले में अधिवक्ता और सदर अस्पताल का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा । सदर अस्पताल परिसर में पार्किंग और रास्ते की मांग को लेकर  अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे अधिवक्ता  पिछले 2 दिनों से कार्य ठप्प कर रखा है। वही स्वास्थ्य कर्मचारी और चिकित्सक ने भी कमर कस ली है। जिले भर के चिकित्सक और कर्मी आपातकालीन सेवा छोड़कर आज सदर अस्पतालन जमा होंगे। सदर अस्पताल से  रणधीर वर्मा। चौक तक मौन जुलूस निकालेंगे।

कल 30 जनवरी को सदर अस्पताल कैम्पस के पंचकर्म भवन के बगल में स्थान ( जहां से अधिवक्ता  दिवाल तोड़ कर रास्ता की मांग कर रहे हैं) पर सैंकड़ों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक जमा हुए और प्रशासन की तरफ से नियुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले की प्रति भी संलग्न थी।

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court wall 1769692541588
विवादित दीवार 1769692541588

स्वास्थ्य विभाग नहीं देना चाहता अपनी 1 इंच भी जमीन

ज्ञापन सौंपने जमा हुए कर्मियों में काफी रोष देखा गया। साफ शब्दों में  कर्मियों ने कहा कि जिला प्रशासन  अधिवक्ताओं के पार्किंग की व्यवस्था अन्यत्र करें ।ये अस्पताल है जिसका उपयोग सिर्फ इलाज उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। आशंका जताई जा रही है  विवाद नहीं थमने पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी और अधिकारी आंदोलन की नई रणनीति बना सकते हैं।

आखिर क्यों चाहते है सदर अस्पताल से रास्ता

जिले में अधिवक्ताओं के लिए समुचित पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। कोर्ट कैम्पस से सटे सदर अस्पताल होने के कारण अधिकवक्ताओं की मांग है कि सदर अस्पताल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की जाय साथ ही उस परिसर में जाने आने के लिए अलग से 15 फिट चौड़ा रास्ता भी दिया जाय।

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क्या कहते है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अस्पताल और कर्मियों की सुरक्षा, निजता का ध्यान रखते हुए जिले के सिविल सर्जन ने अनाधिकृत रास्ते को बंद कर दिया है। जिसका अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। सदर अस्पताल कैम्पस के सुप्रिटेंडेंट डॉ संजीव कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में सभी महिला पुरुष 24×7 कार्य करते है।कैम्पस में नर्सिंग महिला का प्रशिक्षण केंद्र,  महिला छात्रावास स्थित है, परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्यालय और स्टाफ क्वार्टर है। परिसर में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य होने हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की है। उपायुक्त के दिशा निर्देश पर सदर अस्पताल को जनता के लिए बेहतर और अत्याधुनिक सुविधा बहाल करने जैसी कार्य किए जा रहे है। ऐसे में हम  अपनी परिसर  और कर्मियों की सुरक्षा करना चाहते है।

पहले से दी चुकी है 6 फिट जगह

अधिकारियों ने बताया कि बार काउंसिल जाने आने के लिए पूर्व में हुए समझौते के अनुसार 6 फिट जगह छोड़ दी गई और बचे जगह में बाउंड्री वाल दी गई है। उसके वावजूद अधिवक्ता नवनिर्मित बाउंड्री वाल को तोड़ने की मांग कर रहे हैं ।

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क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का आदेश

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि अस्पताल एवं कार्यरत कर्मियों और चिकित्सक की सुरक्षा के मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश पारित है जिसमें कहा गया है अस्पताल की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

 

 

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