200 साल बाद महासंयोग: गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना के तीन शुभ मुहूर्त, जानिए किस दिशा की सूंड वाली प्रतिमा घर के लिए मानी जाती है शुभ
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापना के लिए तीन प्रमुख समय मिल रहे हैं—सुबह 11:09 से दोपहर 1:44 बजे, अभिजीत मुहूर्त 12:05 से 12:57 बजे और शाम 4:55 से 6:44 बजे तक। गृहस्थों के लिए बाईं सूंड वाली गणेश प्रतिमा को शुभ माना गया है।

धर्म डेस्क। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गणपति स्थापना के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है। इस बार सुबह के लिए अलग से स्थापना मुहूर्त नहीं है, लेकिन दिन में तीन शुभ समय मिल रहे हैं।
तीन समय में कर सकते हैं गणपति स्थापना
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पहला शुभ समय सुबह 11:09 बजे से दोपहर 1:44 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से गणपति की स्थापना कर सकते हैं।
इसके अलावा दोपहर 12:05 बजे से 12:57 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे में जो श्रद्धालु इस अवधि में गणपति स्थापना करना चाहते हैं, वे इस समय पूजा की शुरुआत कर सकते हैं।
तीसरा शुभ समय शाम 4:55 बजे से 6:44 बजे तक रहेगा। यह समय गोधूलि बेला का है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस अवधि में अमृत काल का भी संयोग बन रहा है, इसलिए इसे भी गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए शुभ माना जा रहा है।
सोमवार को पड़ रही गणेश चतुर्थी
200 साल बाद ऐसा महासंयोग पड़ रहा है, जब भगवान भोले की अराधना का दिन यानि सोमवार को तीज महाव्रत के साथ गणेश चतुर्थी का त्योहार पड़ रहा है। इस तीनों तीज-त्योहार की तिथि किसी ना किसी रूप में भगवान शिव से जुड़ा कहा जाता है। ये दिन काफी फलदायी है। गणेश चतुर्थी सोमवार को पड़ रही है। इसके साथ ही चित्रा और स्वाति नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से इन संयोगों के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, व्रत और विशेष अनुष्ठान कर सकते हैं।
गणेश प्रतिमा खरीदते समय रखें ध्यान
गणपति स्थापना से पहले प्रतिमा का चयन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों को भगवान गणेश की बाईं सूंड वाली प्रतिमा घर के लिए लेनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में ऐसी प्रतिमा को गृहस्थों के लिए मंगलकारी माना गया है।
वहीं दाईं सूंड वाले भगवान गणेश की प्रतिमा की पूजा विशेष नियमों और विधि-विधान के साथ की जाती है। ऐसी प्रतिमाओं का संबंध विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और तंत्र साधना से जोड़ा जाता है। इसलिए सामान्य गृहस्थों को प्रतिमा खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
गणपति स्थापना से पहले क्या करें
प्रतिमा घर या पूजा स्थल पर लाने से पहले पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा करें। गणपति को दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।












