शिक्षकों की बड़ी खबर : शिक्षकों की वेतन वृद्धि, HRA व सेवा निरंतरता पर शिक्षा मंत्री का बयान, विभाग के रुख से कराया स्पष्ट
Big news for teachers: Education Minister's statement on teachers' salary hike, HRA and service continuity, clarified through the department's stand

शिक्षकों की वेतन-वृद्धि, सेवा-निरंतरता और आवासीय भत्ता (एचआरए) से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा गूंजा। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विशिष्ट शिक्षकों को सरकारी कर्मचारियों के समान लाभ दिए जाएंगे और एचआरए से जुड़ी अधिकांश समस्याएं दूर कर ली गई हैं।
Teacher News/18.2.26 : शिक्षकों के मुद्दे पर राज्य सरकार ने बड़ा अहम निर्णय लिया है। सरकार ने वेतन-वृद्धि, सेवा-निरंतरता और आवासीय भत्ता (एचआरए) से जुड़े मुद्दे पर रुख स्पष्ट कर दिया है। बिहार में शिक्षकों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय मंगलवार को Bihar Legislative Assembly में चर्चा का केंद्र रहा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक राहुल कुमार द्वारा उठाए गए सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का पक्ष रखते हुए शिक्षकों को आश्वस्त किया।
विधानसभा में चर्चा के दौरान राहुल कुमार ने राज्य के लगभग 2,66,000 नियोजित शिक्षकों के सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त करने के बाद वेतन-वृद्धि और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सवाल किया कि दर्जा परिवर्तन के बावजूद कई शिक्षकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष है।
वेतन-वृद्धि पर मंत्री का स्पष्ट बयान
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने अपने जवाब में कहा कि विशिष्ट शिक्षकों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन-वृद्धि का लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शिक्षकों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव करना नहीं है। मंत्री ने कहा,“सरकारी सेवकों को जो देय है, वही विशिष्ट शिक्षकों को भी मिलेगा। नियमावली को वित्त विभाग की अनुमति के लिए भेजा गया है।”मंत्री के इस बयान को शिक्षकों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से वेतन और सुविधाओं में समानता की मांग उठती रही है।
एचआरए विसंगति का मुद्दा भी गरमाया
इसी दौरान विधायक अजय कुमार ने आवासीय भत्ता (एचआरए) से जुड़ी समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि नियोजित से विशिष्ट शिक्षक बने हजारों शिक्षकों को शहरी क्षेत्र में एचआरए का लाभ नहीं मिल रहा, जबकि बिहार गजट में स्पष्ट प्रावधान मौजूद है।अजय कुमार ने सदन में कहा कि एक ही विद्यालय में कार्यरत नियमित शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी, विशिष्ट शिक्षक और नियोजित शिक्षकों के वेतन एवं भत्तों में भारी विसंगति है। इस कारण शिक्षकों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
90 प्रतिशत मामलों में समाधान का दावा
शिक्षा मंत्री ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने एचआरए से जुड़ी विसंगतियों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि:
• अब तक लगभग 90 प्रतिशत मामलों में एचआरए विसंगति दूर कर ली गई है
• शेष 10 प्रतिशत मामलों का समाधान भी शीघ्र किया जाएगा
• सभी श्रेणी के शिक्षकों को एक समान एचआरए देने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है
मंत्री ने कहा कि अधिकांश जिलों में समस्या का समाधान हो चुका है और जहां मुद्दे शेष हैं, वहां प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है।
सेवा-निरंतरता पर भी सरकार का रुख
राहुल कुमार ने विशिष्ट शिक्षकों को प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में किए गए कार्यकाल का लाभ नहीं मिलने का प्रश्न भी उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि नियमावली के अनुसार प्रक्रिया चल रही है और वित्त विभाग की अनुमति के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।









