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धनबाद : उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर का मामला, किडनी केयर हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ धनबाद थाने में शिकायत, सिविल सर्जन बोले….

Dhanbad: Case involving the Deputy Commissioner's forged signature; complaint filed at Dhanbad police station against the operator of Kidney Care Hospital; Civil Surgeon states...

धनबाद। डीसी के कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर अल्ट्रासोनोग्राफी (यूएसजी) क्लिनिक के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज जमा करने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। किडनी केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मिहिर कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी सिलसिले में बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय की एक टीम धनबाद थाना पहुंची और लिखित शिकायत सौंपी। जिसके बाद अब मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।

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दस्तावेजों की जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा

बताया जा रहा है कि पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत यूएसजी क्लिनिक के लिए फॉर्म-बी जमा करते समय उपायुक्त के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जांच में हस्ताक्षर फर्जी होने की पुष्टि होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को संबंधित चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।

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डीसी के निर्देश पर शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

उपायुक्त के निर्देश के बाद सिविल सर्जन कार्यालय ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से धनबाद थाना में लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया गया। वहीं इस मामले प्रशासन का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की जालसाजी, फर्जी हस्ताक्षर या कूटरचना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खुद को ठगी का शिकार बता चुके हैं डॉ मिहिर

सूत्रों के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद डॉ. मिहिर कुमार ने भी धनबाद पुलिस को एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने दावा किया था कि दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर किसी व्यक्ति ने उनसे पैसे लिए थे और उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया। इस पहलू की भी जांच सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा की जा रही है।प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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