झारखंड स्वास्थ्य विभाग का बड़ा आदेश: राज्य स्तरीय अराजपत्रित कर्मियों को मिलेगा ACP/MACP लाभ, 21 सितंबर तक मांगे प्रस्ताव, AJPMA ने किया स्वागत
झारखंड स्वास्थ्य विभाग का बड़ा आदेश, अराजपत्रित कर्मियों को मिलेगा ACP/MACP लाभ, 21 सितंबर तक मांगे प्रस्ताव

रांची। झारखंड स्वास्थ्य निदेशालय ने राज्य स्तरीय अराजपत्रित कर्मचारियों को एसीपी (ACP) / एमएसीपी (MACP) का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सामाल ने इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि स्थापना अंतर्गत ऐसे राज्य स्तरीय अराजपत्रित कर्मी, जिनके एसीपी/एमएसीपी का मामला परिषद के समक्ष लंबित है, उनके संबंधित प्रस्ताव और वांछित अभिलेख 21 सितंबर 2026 तक स्वास्थ्य निदेशालय, झारखंड, रांची को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
जानिए कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे?
निर्देश के अनुसार प्रस्ताव के साथ सेवा-पुस्तिका, वार्षिक/विशेष चारित्रिक प्रमाण-पत्र, संपत्ति विवरणी (Online) और सेवा नियुक्ति सहित अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है। मालूम हो कि ACP /MACP का लाभ मिलने से कर्मियों के वेतनमान में बढ़ोतरी हो जाएगी। सरकारी नियमानुसार ये लाभ कर्मियों के नियमित सेवा के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत दी जाती है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन राज्य स्तरीय कर्मियों को पहले ही ACP/MACP का लाभ मिल चुका है, उनके मामलों में वर्तमान में निर्धारित वेतन का वित्त विभाग से सत्यापन कराया जाना है। सत्यापन के बाद ही अन्य ACP/MACP मामलों के प्रस्ताव उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
AJPMA ने किया स्वागत
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का संगठन ऑल झारखण्ड पारा मेडिकल एसोसिएशन (AJPMA) ने विभाग के आदेश का स्वागत किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि 11 अगस्त को निदेशालय घेराव के दौरान निदेशक प्रमुख ने आश्वस्त किया था कि जल्द ही राज्य स्तरीय कर्मियों को ACP/MACP का लाभ दिया जाएगा। एसोसिएशन के मांग पत्र के अनुरूप विभाग ने आदेश जारी किया है।ये एसोसिएशन की जीत है। साथ ही राज्य भर के साथियों से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द अपने अभिलेख भिजवाएं ताकि कार्रवाई संभव हो सके।
पुराने मामलों का भी होगा सत्यापन
स्वास्थ्य निदेशालय ने उन मामलों का भी उल्लेख किया है, जिनमें कर्मियों को पहले ACP/MACP का लाभ दिया जा चुका है, लेकिन उनके मामलों का वित्त विभाग द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं कराया गया है। ऐसे मामलों में सभी अभिलेखों के साथ वित्त विभाग से सत्यापन के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
निदेशालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कर्मियों को ACP/MACP का लाभ देने में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। साथ ही पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विलंब की स्थिति में उत्पन्न किसी भी विषम परिस्थिति की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

यह पत्र स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रीय उप निदेशकों, अस्पतालों के अधीक्षक/प्राचार्य, स्वास्थ्य पदाधिकारियों, इटकी आरोग्यशाला, राजकीय टीकौषधि प्रतिष्ठान, श्रीश्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट सरकारी अस्पताल धनबाद और सभी सिविल सर्जनों को भेजा गया है।












