Jharkhand Health News: झारखंड में अब धक्कामार एंबुलेंस से नहीं जायेगी किसी की जान, सरकार खरीदेगी 720 नई एंबुलेंस; एयर एंबुलेंस की भी तैयारी
झारखंड सरकार राज्य में 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी। 20 ALS, 270 BLS और 400 PTV एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ेंगी। एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने की भी तैयारी है। जानें पूरी खबर।

रांची। झारखंड सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार शिकायतें आ रही है। खासकर एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर झारखंड सरकार हमेशा कटघरे में रही है। लेकिन अब सरकार इन शिकायतों को दूर करने जा रही है। राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और दुर्घटना या गंभीर स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य में 720 नई एंबुलेंस शामिल की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इन वाहनों की खरीद प्रक्रिया तेज करते हुए एक माह के भीतर टेंडर जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक भी बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें। इसके लिए एंबुलेंस नेटवर्क को व्यापक रूप से मजबूत किया जा रहा है।
720 नई एंबुलेंस होंगी शामिल
सरकार की योजना के अनुसार नई एंबुलेंस बेड़े में विभिन्न श्रेणियों के वाहन शामिल होंगे।
• 20 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस
• 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस
• 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV)
इसके अलावा 30 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया पहले से जारी है। इन्हें जोड़ने के बाद राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
अलग-अलग मॉडल से होगा संचालन
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक श्रेणी की एंबुलेंस का संचालन अलग तरीके से किया जाएगा।एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तैनात रहेंगी और उनका संचालन संबंधित अस्पताल प्रबंधन करेगा।
बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एंबुलेंस का संचालन चयनित एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।वहीं, पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (PTV) का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की निगरानी में आउटसोर्स व्यवस्था से होगा।
NHM देगा संचालन के लिए आर्थिक सहायता
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) प्रत्येक पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल के संचालन के लिए 50 हजार रुपये प्रति माह उपलब्ध कराएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा बेहतर हो सके।
एंबुलेंस की तय होगी उपयोग अवधि
स्वास्थ्य विभाग ने नई एंबुलेंस की उपयोग अवधि भी निर्धारित कर दी है।
• ALS और BLS एंबुलेंस: 6.5 वर्ष या 1.50 लाख किलोमीटर
• PTV एंबुलेंस: 5 वर्ष या 1 लाख किलोमीटर
इसके बाद आवश्यकतानुसार वाहनों को बदला जाएगा।
एयर एंबुलेंस सेवा की भी तैयारी
राज्य सरकार सड़क एंबुलेंस के साथ-साथ गंभीर मरीजों के लिए हेलीकॉप्टर आधारित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा भी शुरू करने जा रही है। सरकार ने किराये पर हेलीकॉप्टर लेने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिला दी है। इसके लागू होने के बाद गंभीर मरीजों को कम समय में बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना आसान होगा।स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि नई एंबुलेंस के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि इनका लाभ वास्तविक जरूरतमंद मरीजों तक समय पर पहुंच सके।








