Prahlad Joshi Gets Education Ministry: प्रह्लाद जोशी बने देश के शिक्षा मंत्री, मोदी सरकार ने सौंपी अतिरिक्त जिम्मेदारी, जानिये प्रह्लाद जोशी के बारे में….
Prahlad Joshi Gets Education Ministry: Prahlad Joshi becomes the country's Education Minister; Modi government assigns additional responsibility—here is what you need to know about Prahlad Joshi...

Prahlad Joshi Gets Education Ministry:। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंपने का निर्णय लिया।
NEET विवाद के बीच हुआ फैसला
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ था। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर छात्रों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।
3 मई से शुरू हुआ था विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा के बाद हुई, जब पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए। इसके बाद छात्रों ने सोशल मीडिया और विभिन्न शहरों में प्रदर्शन शुरू किए। धीरे-धीरे यह विरोध राष्ट्रीय स्तर के छात्र आंदोलन में बदल गया।
CJI की टिप्पणी भी बनी चर्चा का विषय
इसी दौरान 15 मई 2026 को एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी भी चर्चा में रही। उन्होंने कुछ लोगों के संदर्भ में “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी आम छात्रों या युवाओं के लिए नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री के सहारे पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में थी।
फिलहाल केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। आने वाले दिनों में मंत्रालय की नई प्राथमिकताओं और NEET विवाद से जुड़े मामलों पर सभी की नजर रहेगी।
जानिये कौन हैं प्रह्लाद जोशी
प्रल्हाद वेंकटेश जोशी (जन्म 27 नवंबर 1962) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो 30 मई 2019 से भारत के संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री हैं और 2004 से धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। वे 2014 से 2016 तक भारतीय जनता पार्टी, कर्नाटक (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लोकसभा के अध्यक्षों के पैनल में भी अपनी सेवाएं दीं (2014-2018)।
प्रल्हाद जोशी पहली बार आरएसएस के साथ तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने 1992-1994 के दौरान कर्नाटक के हुबली स्थित इदागाह मैदान में तिरंगा फहराने के लिए एक आंदोलन का आयोजन किया। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें उक्त मैदान का स्वामित्व हुबली-धारवाड़ नगर निगम को वापस सौंप दिया गया है। वे 2004, 2009, 2014, 2019, 2024 के आम चुनावों में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।30 मई 2019 को प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार और फिर तीसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
प्रारंभिक राजनीति
अपने शुरुआती दिनों में पेशे से उद्योगपति रहे प्रल्हाद जोशी ने 1992 से 1994 तक हुबली, कर्नाटक के इदागाह मैदान (जिसे कित्तूर रानी चेन्नम्मा मैदान के नाम से भी जाना जाता है) में तिरंगा झंडा फहराने के आंदोलन का आयोजन करके राजनीति में अपनी पैठ बनाई। उन्होंने इन वर्षों के दौरान “कश्मीर बचाओ आंदोलन” का भी नेतृत्व किया, जिससे वे राज्य के उन क्षेत्रों में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। इसके बाद वे धारवाड़ जिले में भाजपा के अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने पहली बार 2004 में 14वें लोकसभा चुनाव में भाग लिया, जहां उन्होंने कांग्रेस कांग्रेस के बीएस पाटिल को हराकर धारवाड़ सीट जीती।
उन्होंने उस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीन चुनाव जीते हैं और वर्तमान में धारवाड़ के सांसद हैं। 2009 के आम चुनावों में, उन्होंने कर्नाटक के 28 निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की, जबकि उसी वर्ष अधिकांश मंत्रियों और सांसदों को हार का सामना करना पड़ा था। 2019 में, उन्होंने एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से धारवाड़ सीट को दूसरी बार बरकरार रखा। इस बार भी वो वहीं से चुनाव जीते हैं।







