Pregnancy Headache Warning: प्रेग्नेंसी में बार-बार सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकता है इस गंभीर बीमारी का संकेत, पढ़िये कब करना चाहिये डाक्टर से संपर्क
प्रेग्नेंसी में लगातार या तेज सिरदर्द को नजरअंदाज न करें। जानिए प्रीक्लेम्प्सिया क्या है, इसके लक्षण, कारण और कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Health News: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलावों के कारण कई महिलाओं को अलग-अलग तरीके से परेशानी उठानी पड़ती है। कुछ महिलाओं में प्रेग्नेसी पीरियड के दौरान सिरदर्द की समस्या होती है। सामान्य तौर पर यह परेशानी हार्मोन में बदलाव, तनाव, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) या लंबे समय तक भूखे रहने के कारण हो सकती है।
हालांकि डाक्टर की इस पर कुछ अलग राय है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डा रश्मि तनेजा बताती है कि यदि सिरदर्द लगातार बना रहे, बहुत तेज हो या आराम के बाद भी ठीक न हो, तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तनेजा के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार होने वाला सिरदर्द प्रीक्लेम्प्सिया (Preeclampsia) जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
क्या है प्रीक्लेम्प्सिया?
प्रीक्लेम्प्सिया गर्भावस्था की एक गंभीर जटिलता है, जो आमतौर पर 20वें सप्ताह के बाद विकसित होती है। इसमें गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और किडनी, लिवर सहित शरीर के अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जाता है कि यह प्लेसेंटा के असामान्य विकास से जुड़ी हो सकती है।
किन महिलाओं में ज्यादा रहता है खतरा?
डॉ. तनेजा के अनुसार निम्न परिस्थितियों में प्रीक्लेम्प्सिया का खतरा अधिक हो सकता है—
• पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाएं
• पहले से हाई ब्लड प्रेशर की मरीज
• डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं
• किडनी संबंधी बीमारी से ग्रस्त महिलाएं
• जुड़वां या एक से अधिक बच्चों की प्रेग्नेंसी
ऐसी महिलाओं को नियमित जांच और ब्लड प्रेशर की निगरानी कराने की सलाह दी जाती है।
सिरदर्द के साथ दिखें ये लक्षण तो रहें सतर्क
यदि सिरदर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है—
• धुंधला दिखाई देना
• आंखों के सामने चमक या फ्लैश दिखना
• चेहरे, हाथ या पैरों में अचानक सूजन
• सांस लेने में तकलीफ
• पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द
• मतली या उल्टी
• अचानक तेजी से वजन बढ़ना
• पेशाब में प्रोटीन की मात्रा बढ़ना (जिसका पता जांच से चलता है)
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर प्रेग्नेंसी के दौरान—
• सिरदर्द बहुत तेज हो,
• बार-बार हो,
• आराम करने के बाद भी ठीक न हो,
• या इसके साथ ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसवपूर्व जांच (Antenatal Check-up), समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से प्रीक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर स्थिति की समय रहते पहचान और उपचार संभव है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी लक्षण या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।








