झारखंड बंद का असर: निदेशालय घेराव में पहुंचने से पहले रास्ते में फंसे स्वास्थ्य कर्मी, प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर रोका, सड़कों पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों का भड़का गुस्सा, देखें video
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AJPMA के बैनर तले आज होना है स्वास्थ्य निदेशालय का घेराव, कर्मियों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं
रांची, 11 अगस्त 2026। झारखंड बंद के बीच आज होने वाले स्वास्थ्य निदेशालय घेराव को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन (AJPMA) के बैनर तले राज्यभर से रांची पहुंच रहे स्वास्थ्य कर्मियों को रास्ते में ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बंद के कारण कई स्वास्थ्य कर्मी रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे निर्धारित समय पर निदेशालय पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
इधर, स्वास्थ्य निदेशालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और वहां पहुंच रहे स्वास्थ्य कर्मियों को फिलहाल अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ती दिखाई दे रही है।
ट्रांसफर आदेश रद्द करने समेत कई मांगें
AJPMA के नेतृत्व में होने वाले आज के कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख मांगों में 31 जुलाई 2026 के स्थानांतरण आदेश को रद्द करना और ANM संवर्ग का ग्रेड पे ₹2400 से बढ़ाकर ₹2800 करना शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों की अन्य लंबित मांगों को भी विभाग के समक्ष रखा जाना है।
रास्ते में फंसे कर्मियों के बीच बढ़ी बेचैनी
राज्य के अलग-अलग जिलों से रांची के लिए निकले स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि बंद के कारण आवागमन प्रभावित होने से उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। वहीं, निदेशालय का मुख्य गेट बंद होने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कर्मियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग आंदोलनकारी स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उन्हें निदेशालय परिसर में प्रवेश देगा या प्रदर्शन निदेशालय के बाहर ही होगा?
आज का दिन स्वास्थ्य कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के बीच संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। AJPMA ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर आवाज मजबूती से उठाई जाएगी।












