रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने जताया दुख, संथाली भाषा में जताई संवेदना
हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। जानें नेमरा में अंतिम संस्कार और दोनों नेताओं के शोक संदेश।

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया है। वह पिछले करीब 20 दिनों से बीमार चल रही थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों ने हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। जनजातीय समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। श्री हेमंत सोरेन जी, श्रीमती कल्पना सोरेन जी तथा उनके समस्त परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।
ये खबर भी पढ़ें…— President of India (@rashtrapatibhvn) October 8, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया गहरा दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा स्मरणीय रहेंगे।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और परिवार के सभी सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने लिखा, “श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। जनजातीय समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। श्री हेमंत सोरेन जी, श्रीमती कल्पना सोरेन जी तथा उनके समस्त परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”
Pained by the passing of Rupi Soren Ji. She always worked for empowering tribal communities. In this hour of grief, my thoughts are with Hemant Ji, Kalpana Ji and their entire family.
रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन जी, कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
ᱨᱩᱯᱤ ᱥᱚᱨᱮᱱᱮ ᱵᱟᱹᱜᱤᱭᱟᱜ ᱵᱚᱱ ᱛᱮ ᱟ.ᱰᱤ ᱫᱩᱠᱤᱧ ᱟᱴᱠᱟᱨᱮᱫ ᱠᱟᱱᱟ᱾ ᱱᱤᱭᱟᱹ ᱫᱩᱠ ᱚᱠᱛᱮ ᱨᱮ ᱤᱧᱟᱹᱜ ᱡᱤᱣᱤ ᱨᱟᱲᱮᱡ ᱫᱚ ᱦᱮᱢᱚᱱᱛ ᱡᱤ, ᱠᱚᱞᱯᱚᱱᱟ ᱡᱤ ᱟᱨ ᱩᱱᱤᱭᱟᱜ ᱥᱟᱱᱟᱢ ᱜᱷᱟᱨᱚᱧᱡᱽ ᱨᱮᱱ ᱠᱚ ᱥᱟᱸᱣᱛᱮ ᱢᱮᱱᱟᱜ-ᱟ᱾
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
PM मोदी ने संथाली भाषा में जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूपी सोरेन के निधन पर दुख व्यक्त किया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर संथाली भाषा में शोक संदेश साझा किया। उन्होंने रूपी सोरेन के जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए किए गए कार्यों को याद किया और उनके निधन को बेहद दुखद बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके परिवार के साथ हैं।
‘रूपी सोरेन के निधन से बहुत दुख हुआ’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए काम किया।
पीएम मोदी ने हेमंत सोरेन और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। प्रधानमंत्री के संदेश को सोरेन परिवार के प्रति संवेदना के साथ-साथ रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
नेमरा में आज होगा अंतिम संस्कार
रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोग सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया है। यहां आज पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के बड़ी संख्या में नेमरा पहुंचने की संभावना है।
20 दिन से चल रही थी बीमारी
रूपी सोरेन पिछले करीब 20 दिनों से बीमार चल रही थीं। बीमारी के दौरान उनका इलाज कराया जा रहा था, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक शोक संवेदनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शोक संदेश ने भी इस दुख की घड़ी में सोरेन परिवार के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर संवेदना को सामने रखा है।
जनजातीय समाज के लिए योगदान को किया याद
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के संदेशों में रूपी सोरेन के जनजातीय समाज के लिए किए गए कार्यों का विशेष उल्लेख किया गया। इससे उनके सार्वजनिक और सामाजिक जीवन में योगदान की अहमियत भी सामने आती है।
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार ने अपनी एक महत्वपूर्ण सदस्य को खो दिया है। वहीं झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी उनके निधन को बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।












