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रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने जताया दुख, संथाली भाषा में जताई संवेदना

हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। जानें नेमरा में अंतिम संस्कार और दोनों नेताओं के शोक संदेश।

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया है। वह पिछले करीब 20 दिनों से बीमार चल रही थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रूपी सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों ने हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया गहरा दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रूपी सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा स्मरणीय रहेंगे।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और परिवार के सभी सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

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उन्होंने लिखा, “श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। जनजातीय समाज के लोगों के सशक्तीकरण और कल्याण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। श्री हेमंत सोरेन जी, श्रीमती कल्पना सोरेन जी तथा उनके समस्त परिवारजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ।”

 

PM मोदी ने संथाली भाषा में जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूपी सोरेन के निधन पर दुख व्यक्त किया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर संथाली भाषा में शोक संदेश साझा किया। उन्होंने रूपी सोरेन के जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए किए गए कार्यों को याद किया और उनके निधन को बेहद दुखद बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके परिवार के साथ हैं।

‘रूपी सोरेन के निधन से बहुत दुख हुआ’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए काम किया।

पीएम मोदी ने हेमंत सोरेन और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। प्रधानमंत्री के संदेश को सोरेन परिवार के प्रति संवेदना के साथ-साथ रूपी सोरेन के सामाजिक योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।

नेमरा में आज होगा अंतिम संस्कार

रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोग सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया गया है। यहां आज पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के बड़ी संख्या में नेमरा पहुंचने की संभावना है।

20 दिन से चल रही थी बीमारी

रूपी सोरेन पिछले करीब 20 दिनों से बीमार चल रही थीं। बीमारी के दौरान उनका इलाज कराया जा रहा था, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की खबर के बाद झारखंड के राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक शोक संवेदनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शोक संदेश ने भी इस दुख की घड़ी में सोरेन परिवार के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर संवेदना को सामने रखा है।

जनजातीय समाज के लिए योगदान को किया याद

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के संदेशों में रूपी सोरेन के जनजातीय समाज के लिए किए गए कार्यों का विशेष उल्लेख किया गया। इससे उनके सार्वजनिक और सामाजिक जीवन में योगदान की अहमियत भी सामने आती है।

रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार ने अपनी एक महत्वपूर्ण सदस्य को खो दिया है। वहीं झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी उनके निधन को बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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