Jharkhand Crime News: आदिवासी महिला को थाने में टांगकर मारा, स्तन छुए, पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार का आरोप, CM हेमंत ने दिए जांच के आदेश

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में अब खुद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। हेरंज गांव की रहने वाली पुनिया देवी के साथ हुई इस घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भी काफी नाराजगी है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता जताते हुए लातेहार पुलिस को तत्काल जांच करने और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
.@LateharPolice तत्काल संज्ञान लें, जाँच करें एवं उचित कार्यवाही करते हुए सूचना दें।
यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 9, 2026
बकरी चराने के दौरान मारपीट करने का आरोप
दरअसल झारखंड जनाधिकार महासभा की ओर से सोशल मीडिया में साझा की गई जानकारी के अनुसार, घटना 5 अक्टूबर की दोपहर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुनिया देवी बकरी चरा रही थीं, तभी बरियातू थाना के एसएचओ कथित तौर पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में वहां पहुंचे।आरोप लगाया गया है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, रास्ते में भी उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
थाने में टांगकर पीटने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप
महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी में आरोप लगाया गया है कि पुनिया देवी को थाने ले जाने के बाद टांगकर पीटा गया और जातिसूचक गालियां दी गईं। बताया गया है कि महिला को अगले दिन रात में रिहा किया गया।हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस की ओर से विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
CM हेमंत सोरेन ने दिए तत्काल जांच के निर्देश
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को तत्काल संज्ञान लेने, जांच करने और उचित कार्रवाई करते हुए जानकारी देने का निर्देश दिया है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “लातेहार पुलिस तत्काल संज्ञान लें, जांच करें एवं उचित कार्रवाई करते हुए सूचना दें। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।”मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग
घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई गई है।संगठनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर
लातेहार के हेरंज गांव की पुनिया देवी से जुड़े इस मामले ने पुलिस के व्यवहार और आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले में जांच और कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।












