मां को मुखाग्नि देते फफक पड़े हेमंत सोरेन, पंचतत्व में विलीन हुईं रूपी सोरेन, नेमरा में नम आंखों से अंतिम विदाई देने उमड़ा सैलाब
Hemant Soren broke down while performing his mother's last rites; Rupi Soren merged with the five elements as a sea of people gathered in Nemra to bid a tearful farewell.

रामगढ़। दिशोम गुरू शिबू सोरेन की पत्नी व झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन पंचतत्व में विलीन हो गईं। रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। मां को अंतिम विदाई देते वक्त मुख्यमंत्री बेहद भावुक हो उठे और फूट-फूटकर रो पड़े।

मुखाग्नि के दौरान हेमंत सोरेन की आंखों से आंसू छलकते रहे। मां को आखिरी विदाई देते हुए वे खुद को संभाल नहीं सके। इस भावुक क्षण में परिवार के सदस्यों और करीबियों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री को इस तरह भावुक देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

नेमरा में पसरा रहा मातम
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार के दौरान पूरा नेमरा गांव शोक में डूबा रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए गांव पहुंचने लगे थे।सोरेन परिवार के रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में रूपी सोरेन को अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार स्थल पर हर तरफ गम का माहौल रहा।
मां को मुखाग्नि देते वक्त टूट गए हेमंत
मां के पार्थिव शरीर के सामने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले भी भावुक नजर आए थे और अब अंतिम संस्कार के वक्त एक बार फिर भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।जिस मां की छांव में उनका बचपन बीता, उसी मां को अपने हाथों से अंतिम विदाई देना उनके लिए बेहद कठिन क्षण रहा। मुखाग्नि देते समय हेमंत सोरेन फफक पड़े। वहां मौजूद परिजन और समर्थक उन्हें संभालते रहे।
अंतिम विदाई में

पहुंचे कई प्रमुख नेता
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक मथुरा महतो, शिकारीपाड़ा विधायक राजेश कश्यप, शिल्पा नेहा तिर्की, महुआ माजी और ममता देवी समेत कई प्रमुख नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।जेएमएम और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी नेमरा पहुंचे। राज्य सरकार के अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री की मां के अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।रूपी सोरेन के निधन की खबर के बाद से ही झारखंड के विभिन्न हिस्सों से लोग नेमरा पहुंचकर सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे थे।
नम आंखों से दी अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के बाद रूपी सोरेन पंचतत्व में विलीन हो गईं। नेमरा की मिट्टी ने उन्हें आखिरी बार अपने आंचल में समेट लिया।मां की अंतिम विदाई का यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए भावुक कर देने वाला रहा। एक बेटे ने अपनी मां को अंतिम विदाई दी और पूरा गांव इस दुख की घड़ी में सोरेन परिवार के साथ खड़ा नजर आया।रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार के दौरान नेमरा में एक ही भाव दिखाई दिया—आंखों में आंसू, दिल में दर्द और दिवंगत आत्मा के लिए श्रद्धांजलि।












