झारखंड : घूसखोर कर्मचारी 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, रिश्वत का पैसा बाईक में रखते ही टीम ने दबोचा, पत्नी की मौत के बाद के बाद भुगतान व नौकरी के लिए लगा रहे थे चक्कर

रामगढ़। घूसखोर कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सीबीआइ रांची की टीम ने पकड़ा है। बुधवार को सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के सौंदा डी कार्यालय में तैनात कार्यालय अधीक्षक (लिपिक) अभय कुमार बख्शी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सीसीएलकर्मी स्वर्गीय रीना नायक के पति गंगाधर प्रधान की शिकायत पर की गई।
आरोप है कि बख्शी ने सीएमपीएफ (कोल माइंस प्रोविडेंट फंड) की राशि और नौकरी से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे रिश्वत की मांग की थी।जानकारी के अनुसार, सीबीआइ की टीम बुधवार सुबह करीब 10 बजे से ही आरोपी पर नजर रख रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब 1:20 बजे कार्यालय के बाहर उसे पकड़ लिया गया। शिकायतकर्ता से कथित तौर पर रिश्वत के 20 हजार रुपये लेने के बाद बख्शी ने रकम अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में रख ली थी। तलाशी के दौरान टीम ने मोटरसाइकिल की डिक्की से पैसे बरामद किए।
पत्नी की मौत के बाद सीएमपीएफ और नौकरी के लिए लगा रहे थे चक्कर
बताया जाता है कि रीना नायक की मौत करीब पांच साल पहले हो गई थी। इसके बाद उनके पति गंगाधर प्रधान सीएमपीएफ की राशि प्राप्त करने और नौकरी से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी सिलसिले में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सीबीआइ से की गई थी। शिकायत के आधार पर टीम ने कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के आवास पर भी हुई तलाशी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ की एक टीम अभय कुमार बख्शी को पूछताछ के लिए भुरकुंडा रेस्ट हाउस ले गई। वहीं, दूसरी टीम सेंट्रल सौंदा स्थित उसके आवास पर पहुंची और तलाशी ली। इस कार्रवाई में करीब 15 अधिकारी एवं कर्मी शामिल थे। टीम सौंदा डी स्थित पीओ कार्यालय से भी कई महत्वपूर्ण कागजात अपने साथ ले गई।मामले की जांच के क्रम में सीबीआइ ने कार्यालय के दो-तीन अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की। देर शाम तक आरोपी समेत संबंधित लोगों से पूछताछ जारी थी।
रिश्वतखोरी को लेकर फिर उठे सवाल
सीसीएल के बरका-सयाल क्षेत्र में रिश्वत लेने के आरोप में कार्रवाई का यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र के कार्यालयों में विभिन्न कार्यों के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगे जाने के मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व में भी रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आने से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।फिलहाल, सीबीआइ की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और पूछताछ जारी है।












