रांची: 108 एंबुलेंस कर्मियों और स्वास्थ्य मंत्री के बीच वार्ता, 17 अक्टूबर तक बकाया भुगतान का आश्वासन; आंदोलन जारी रखने पर अड़े कर्मचारी

रांची। झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जारी रहेगी। पहले दौर की वार्ता पर कई मांगों पर सहमति बनी । इससे पहले आज स्वास्थ्य विभाग और आंदोलनरत कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई। एनआरएचएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस कर्मियों से स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बातचीत की। वार्ता के दौरान 17 अक्टूबर तक बकाया भुगतान करने पर सहमति बनी।
वहीं, नौकरी से हटाए गए 20 कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने का निर्देश भी दिया गया है।हालांकि, कर्मचारी अपनी सभी मांगें पूरी नहीं होने से संतुष्ट नहीं हैं। 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगों में से केवल एक मांग मानी गई है। ऐसे में कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
17 अक्टूबर तक बकाया भुगतान का आश्वासन
एनआरएचएम कार्यालय के बाहर आंदोलन कर रहे 108 एंबुलेंस कर्मियों के साथ हुई वार्ता में बकाया वेतन भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई गई।इसके अलावा, पहले नौकरी से हटाए गए 20 कर्मचारियों को फिर से बहाल करने का निर्देश दिया गया है। इन फैसलों के बावजूद कर्मचारी अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
कर्मचारी अध्यक्ष बोले- सिर्फ एक मांग मानी गई
108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने वार्ता के बाद कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक मांग पर सहमति बनी है, इसलिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।नीरज तिवारी के मुताबिक, बकाया भुगतान को लेकर पहले भी आश्वासन मिलते रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को समय पर राशि नहीं मिल पाती। इसी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि त्योहार के समय उनकी सहानुभूति आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ है और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 13,653 कर्मचारियों ने कभी आंदोलन नहीं किया और सरकार ने उन्हें स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं से लाभान्वित किया है। उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद वे उनसे बातचीत करने पहुंचे थे।मंत्री के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई है और 20 हटाए गए कर्मचारियों को फिर से बहाल करने का निर्देश दिया गया है।
एजेंसी बदलने की मांग पर मंत्री का बड़ा बयान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों की ओर से मौजूदा एजेंसी को हटाने की मांग भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहार के बाद कंपनी को हटाकर नई एजेंसी लाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एंबुलेंस सेवा को सिविल सर्जन के माध्यम से संचालित करके कर्मचारियों को रखने की मांग पूरी नहीं की जा सकती। इस मुद्दे पर कर्मचारियों और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
वार्ता के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन
बकाया भुगतान और 20 कर्मचारियों की बहाली को लेकर सहमति बनने के बावजूद 108 एंबुलेंस कर्मियों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। कर्मचारी अपनी शेष मांगों को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं।अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग तय समय तक बकाया भुगतान कर पाता है या नहीं और मौजूदा एजेंसी को बदलने की प्रक्रिया कब तक आगे बढ़ती है। फिलहाल, वार्ता के बाद भी कर्मचारियों और विभाग के बीच सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है।












