झारखंड: अब डाक्टर नहीं जायेंगे हड़ताल पर, सरकार ने मांगों पर जताई सहमति; प्रमोशन से लेकर निजी अस्पतालों के नियमों में होगा बदलाव

रांची। झारखंड में डॉक्टरों की प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल टल गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), झारखंड स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) और अन्य चिकित्सक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में डॉक्टरों की अधिकांश मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद चिकित्सक संगठनों ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।
इस बैठक में डॉक्टरों की समयबद्ध प्रोन्नति, निजी अस्पतालों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने, रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान और चिकित्सकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए। सरकार ने मांगों पर आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय समन्वय समिति गठित करने पर भी सहमति जताई।
दो महीने में कैबिनेट के पास भेजा जाएगा प्रस्ताव
चिकित्सकों की प्रोन्नति से संबंधित व्यवस्था को लेकर बैठक में सहमति बनी कि केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रासंगिक प्रावधानों के आधार पर समयबद्ध प्रोन्नति की व्यवस्था तैयार की जाएगी। इस संबंध में वित्त विभाग के साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकालने पर सहमति बनी है।प्रस्ताव को अगले दो महीने के भीतर कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजने की बात कही गई है। इससे डॉक्टरों की लंबे समय से लंबित प्रोन्नति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।
निजी अस्पतालों के पंजीकरण के लिए लागू होगा सिंगल विंडो सिस्टम
बैठक में निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग भी स्वीकार कर ली गई। इसके लिए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी है।इसके अलावा क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रूल्स में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया। प्रस्तावित बदलाव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा संस्थानों के लिए न्यूनतम 30 बिस्तर और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तरों की अनिवार्यता से संबंधित प्रावधान पर सहमति बनी है।
रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान होगा नियमित
बैठक में इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठा। इस समस्या को दूर कर भुगतान व्यवस्था नियमित करने पर सहमति बनी।इसके साथ ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित टू-टियर व्यवस्था पर भी विचार किया गया। संबंधित मुद्दों पर आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय किया जाएगा।
डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पुरानी व्यवस्था फिर होगी लागू
चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। पहले डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नामित किया जाता था। बैठक में इस पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने पर सहमति बनी।डॉक्टरों का कहना था कि अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण और शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। सरकार की ओर से इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाया गया।
छठ पूजा के बाद फिर होगी बैठक
बैठक में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल हड़ताल पर नहीं जाने का निर्णय लिया। हालांकि, सभी मुद्दों के समाधान के लिए आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी। छठ पूजा के बाद एक बार फिर बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शेष मांगों और अन्य विषयों पर चर्चा होगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला तथा चिकित्सक संगठनों की ओर से डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. योगेश गंभीर, डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. विमलेश कुमार सिंह और डॉ. शंभू प्रसाद सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।












