टीम इंडिया में एक और माही: झारखंड से टीम इंडिया को मिला एक और विकेटकीपर-बल्लेबाज, कुमार कुशाग्र की भारतीय टीम में शामिल; IPL में 7.20 करोड़ में बिके थे

रांची। झारखंड की धरती ने भारतीय क्रिकेट को एक बार फिर नया विकेटकीपर-बल्लेबाज दिया है। महेंद्र सिंह धोनी और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों के बाद अब झारखंड के उभरते क्रिकेटर कुमार कुशाग्र को भारतीय टीम में जगह मिली है। उनका चयन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों के लिए किया गया है। घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम कुशाग्र को टीम इंडिया में चयन के रूप में मिला है।
जमशेदपुर के कदमा स्थित रामनगर के रहने वाले कुमार कुशाग्र अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के लिए पहचाने जाते हैं। हाल के दिनों में उन्होंने घरेलू क्रिकेट के साथ इंडिया-ए के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अब भारतीय टीम में चयन के बाद उनके प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरने का मौका मिलता है या नहीं।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ शतक जड़कर बटोरी सुर्खियां
कुमार कुशाग्र हाल ही में ऑस्ट्रेलिया-ए के भारत दौरे पर खेली गई अनौपचारिक टेस्ट और वनडे सीरीज में इंडिया-ए टीम का हिस्सा थे। अनौपचारिक टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 113 रन और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला।इस पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता को फिर चर्चा में ला दिया। विकेटकीपर होने के साथ-साथ उपयोगी बल्लेबाज के रूप में कुशाग्र ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है।
घरेलू क्रिकेट में शानदार है कुमार कुशाग्र का रिकॉर्ड
कुमार कुशाग्र के घरेलू क्रिकेट के आंकड़े उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने 38 फर्स्ट क्लास मैचों में 42.49 की औसत से 2,507 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से सात शतक और छह अर्धशतक निकले हैं।
लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 40 मैचों में 51.37 की औसत से 1,387 रन बनाए हैं। इस प्रारूप में उनके नाम दो शतक और 10 अर्धशतक दर्ज हैं।ये आंकड़े बताते हैं कि कुशाग्र केवल विकेटकीपिंग के विकल्प नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी में भी टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी जड़ा था शतक
कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में भी अपने बल्ले का दम दिखाया था। ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम में खेलते हुए उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 101 रन की शानदार पारी खेली थी। दूसरी पारी में भी उन्होंने 46 रन बनाए।
महत्वपूर्ण मुकाबले में उनके इस प्रदर्शन ने उनकी क्षमता को सामने रखा। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के अंतिम दो मैचों के लिए भारतीय टीम में उनका चयन उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
पिता ने घर पर ही सिखाए क्रिकेट के गुर
कुमार कुशाग्र की क्रिकेट यात्रा की कहानी भी खास है। जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र के रामनगर में रहने वाले कुशाग्र ने लोयोला स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल की। उनके पिता शशिकांत जीएसटी विभाग में अधिकारी हैं, जबकि उनकी मां पुष्पा देवी गृहिणी हैं।
कुशाग्र के क्रिकेटर बनने में उनके पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बताया जाता है कि उनके पिता ने क्रिकेट से जुड़ी किताबों और महान बल्लेबाजों की तकनीक का अध्ययन कर घर पर ही उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं। शुरुआती दौर में मिला यही मार्गदर्शन उनकी क्रिकेट यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
IPL नीलामी में 7.20 करोड़ रुपये में बिके थे कुशाग्र
कुमार कुशाग्र को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान आईपीएल 2024 की नीलामी में मिली थी। उस दौरान दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। इतनी बड़ी बोली ने उन्हें क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया था।अब भारतीय टीम में चयन के बाद उनके करियर को एक और बड़ा मंच मिला है। हालांकि, टीम में चुने जाने के बाद प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना अलग चुनौती होगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे में उन्हें मौका मिलता है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।

धोनी के राज्य से एक और विकेटकीपर की उम्मीद
झारखंड ने भारतीय क्रिकेट को महेंद्र सिंह धोनी जैसा दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज दिया है। ईशान किशन भी इसी राज्य से आते हैं और भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं। अब कुमार कुशाग्र के चयन ने झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
हालांकि, धोनी जैसे महान खिलाड़ी से किसी युवा क्रिकेटर की तुलना करना अभी जल्दबाजी होगी। कुशाग्र के सामने अपनी अलग पहचान बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन साबित करने की चुनौती होगी। घरेलू क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड और हालिया पारियां उनके लिए सकारात्मक संकेत जरूर हैं।
कुमार कुशाग्र का भारतीय टीम में चयन झारखंड के क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में अवसर मिलने पर अपने प्रदर्शन से कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं।












