झारखंड: सरकारी स्कूल ही नहीं, अब प्राइवेट स्कूलों के टीचर भी करेंगे जनगणना ड्यूटी, केंद्र सरकार ने बदले नियम
झारखंड में अब सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के शिक्षक भी जनगणना ड्यूटी कर सकेंगे। केंद्र ने जनगणना नियम 1990 में संशोधन किया।

रांची। झारखंड में अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ निजी स्कूलों के शिक्षकों की भी जनगणना ड्यूटी लगाई जा सकेगी। केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन करते हुए सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य में नियुक्त करने का रास्ता साफ कर दिया है।
हालांकि, झारखंड सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, जनगणना के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का दायरा बढ़ाया गया है। नए प्रावधान के तहत राज्य सरकारें जरूरत के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की सेवाएं भी ले सकेंगी।
जनगणना नियम, 1990 में हुआ बड़ा बदलाव
भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जनगणना कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए नियुक्त किए जा सकने वाले कर्मचारियों की श्रेणियों का विस्तार किया गया है। अब सरकारी संस्थानों के अलावा सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के शिक्षक भी प्रगणक (Enumerator) के रूप में नियुक्त किए जा सकेंगे।
इस बदलाव के बाद जनगणना ड्यूटी के लिए केवल सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। हालांकि, निजी स्कूलों के सभी शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाना अनिवार्य नहीं किया गया है। नियुक्ति का अंतिम निर्णय संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन करेगा।
तीन श्रेणियों में की जा सकेगी नियुक्ति
संशोधित नियमों के तहत जनगणना कार्य के लिए मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के लोगों को नियुक्त किया जा सकता है।
• पहली श्रेणी: सरकारी, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसायटियों तथा न्यासों के शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक।
• दूसरी श्रेणी: केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंकों, कंपनियों और अन्य संस्थानों के लिपिक व अधिकारी।
• तीसरी श्रेणी: ऐसे अन्य व्यक्ति, जिन्हें संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन उपयुक्त समझे।
झारखंड के 2,862 निजी विद्यालयों के शिक्षक दायरे में आ सकते हैं
शिक्षा मंत्रालय की यूडीआईएसई+ (UDISE+) रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, झारखंड में 1,155 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय और 1,707 गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय हैं। इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,862 विद्यालयों के शिक्षक नए नियमों के दायरे में आ सकते हैं।
हालांकि, इन सभी विद्यालयों के शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगना जरूरी नहीं है। राज्य में जनगणना कार्य की जरूरत, उपलब्ध कर्मचारियों और प्रशासनिक निर्णय के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी।
झारखंड सरकार के फैसले पर रहेगी नजर
केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद अब झारखंड में इस बदलाव को लागू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं होने की जानकारी दी गई है।
यदि राज्य सरकार निजी विद्यालयों के शिक्षकों की सेवाएं लेने का निर्णय करती है, तो जनगणना कार्य में उनकी भी तैनाती की जा सकेगी। ऐसे में सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षकों की भूमिका जनगणना के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है।












