झारखंड : “कृष का गाना सुनेगा…” फेम पिंटू अचानक हो गया है गायब, डीसी-एसपी से शिकायत, सोशल मीडिया पर रातों-रात हुआ था फेमस
Jharkhand: Pintu, who became famous overnight on social media, has suddenly disappeared, leading to a complaint with the Deputy Commissioner of Police (DC) and Superintendent of Police (SP).

जमशेदपुर । सोशल मीडिया पर रातों-रात लोकप्रिय हुआ जमशेदपुर का किशोर गायक धूम उर्फ पिंटू अचानक लापता है। फुटपाथ पर गुनगुनाते एक किशोर की आवाज जब मोबाइल स्क्रीन से निकलकर लाखों दिलों तक पहुंची, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह पहचान एक दिन चिंता का कारण बन जाएगी। “कृष का गाना सुनेगा…” कहकर लोगों को मुस्कराने वाला धूम उर्फ पिंटू आज खुद सवाल बन गया है।
बागबेड़ा इलाके में रहने वाला धूम हमेशा सार्वजनिक जगहों पर नजर आता था। उसकी दिनचर्या सड़कों, फुटपाथों और चौराहों से जुड़ी हुई थी। ऐसे में उसका अचानक गायब हो जाना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है। न परिवार को उसकी सही जानकारी है, न आसपास के लोगों को यह पता कि वह कहां और किसके साथ गया। यही अनिश्चितता इस मामले को और गंभीर बना रही है।
धूम की लोकप्रियता के साथ ही जमशेदपुर में कंटेंट क्रिएटर्स की आवाजाही बढ़ गई थी। कोई उसे गायक बता रहा था, कोई उसकी गरीबी की कहानी को भावनात्मक रूप दे रहा था, तो कोई “नशे से बाहर निकालने” का दावा कर रहा था। इन वीडियो और रील्स ने लाखों व्यूज बटोरे और कई चैनलों को पहचान और कमाई दोनों दिलाई। लेकिन जिस बच्चे की वजह से यह सब संभव हुआ, वही बच्चा आज नजरों से ओझल है।
यही वह बिंदु है जहां सोशल मीडिया की चमक पर सवाल उठते हैं। क्या वायरल होना किसी बच्चे की सुरक्षा की गारंटी देता है? क्या किसी नाबालिग को उसकी सहमति और भविष्य की चिंता किए बिना कंटेंट का हिस्सा बनाया जा सकता है? धूम का मामला इन सवालों को और तीखा बना रहा है।
बाल संरक्षण से जुड़े संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि समाज सेवा या नशा मुक्ति के नाम पर यदि किसी बच्चे को अलग स्थान पर रखा गया, तो उसकी कानूनी प्रक्रिया, अनुमति और निगरानी बेहद जरूरी है। इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है, जिसमें जांच की मांग की गई है कि आखिर धूम किसके संपर्क में था और उसे कहां ले जाया गया।
शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक बच्चे के गायब होने का नहीं, बल्कि डिजिटल दौर में बच्चों के शोषण के नए तरीकों की ओर इशारा करता है। आज गरीब या असहाय बच्चों की कहानियां वायरल कंटेंट बन जाती हैं, लेकिन जब कैमरा बंद होता है, तब उनकी जिम्मेदारी कौन लेता है—यह सवाल अक्सर अनुत्तरित रह जाता है।
धूम के कथित भाई ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले रात में धूम को किसी के साथ जाते देखा गया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। परिवार और आसपास के लोग उसकी सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं।अब प्रशासन के सामने चुनौती केवल धूम को ढूंढने की नहीं है, बल्कि यह तय करने की भी है कि भविष्य में किसी बच्चे को सोशल मीडिया फेम के नाम पर यूं असुरक्षित न छोड़ा जाए।









