रांची: अंश-अंशिका की तलाश में अब गैंगस्टर की टीम भी जुटी, राहुल सिंह गैंग ने अपने गैंग के लोगों के लिए किया पोस्ट, खोज कर लाने पर 2 लाख का ईनाम भी रखा
Ranchi: Gangsters are now searching for Ansh and Anshika. Rahul Singh's gang posted a message for their gang members, offering a reward of 2 lakh rupees for finding them.

रांची। मासूम भाई-बहन अंश-अंशिका की तलाश के लिए अब गैंगस्टर की टीम भी आगे आयी है। राहुल सिंह गैंग ने ऐलान किया है कि जो भी अंश-अंशिका को खोजेगा, उसे दो लाख रुपये का इनाम दिया जायेगा। राहुल सिंह गैंग ने ये ऐलान उस वक्त किया है, जब पुलिस के साथ-साथ CID की टीम भी दोनों बच्चों को खोजने में असफल रही है। पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस बीच एक संगठित आपराधिक गिरोह द्वारा सोशल मीडिया पर इनाम की घोषणा किए जाने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
बीते कई दिनों से पुलिस की बड़ी टीमें बच्चों की तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है। इसी बीच अब एक संगठित आपराधिक गिरोह की एंट्री ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है। जानकारी के अनुसार, राहुल दुबे गैंग नामक एक आपराधिक गिरोह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया है कि वह बच्चों की तलाश में मदद कर रहा है।
गिरोह की ओर से सोशल मीडिया पर अंश और अंशिका की तस्वीरें जारी की गई हैं। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि बच्चों से जुड़ी कोई भी पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति को 2 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।इससे पहले रांची पुलिस भी अंश और अंशिका की जानकारी देने पर 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर चुकी है।
पुलिस द्वारा घोषित इनाम का उद्देश्य आम लोगों से सहयोग प्राप्त कर बच्चों तक पहुंचना था। लेकिन अब एक आपराधिक गिरोह द्वारा अलग से इनाम घोषित किए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस गिरोह की मंशा क्या है और वे इस मामले में क्यों सक्रिय हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि अंश कुमार और अंशिका कुमारी 2 जनवरी को रांची के धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी खटाल इलाके से लापता हुए थे। दोनों बच्चे बिस्किट खरीदने के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजनों ने बच्चों के काफी देर तक वापस न आने पर आसपास तलाश की और बाद में धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। कई टीमें गठित कर आसपास के इलाकों, संभावित रास्तों और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कई लोगों से पूछताछ भी की गई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है। इसी बीच राहुल दुबे गैंग की ओर से जारी विज्ञप्ति ने लोगों के बीच हलचल मचा दी है।
गिरोह ने आम जनता से अपील की है कि अंश और अंशिका की तस्वीरें अधिक से अधिक सोशल मीडिया पर शेयर करें और अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क नजर रखें। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि किसी को बच्चों से जुड़ा कोई भी सुराग मिले तो तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए सीधे गैंग से संपर्क करने की बात भी कही गई है।
गिरोह की इस अपील को लेकर पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही हर जानकारी पर नजर रखी जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह की घोषणाएं जांच को भटकाने का प्रयास तो नहीं हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी केवल पुलिस या प्रशासन को ही दें और किसी आपराधिक गिरोह के संपर्क में न आएं।
फिलहाल, अंश और अंशिका की सुरक्षित बरामदगी को लेकर पूरे राज्य में चिंता का माहौल है। परिजन बेसब्री से बच्चों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच और जनता के सहयोग से इस मामले में कोई नई कड़ी जुड़ती है या नहीं, और क्या मासूम भाई-बहन सुरक्षित अपने परिवार तक लौट पाते हैं।









