close
LIVE UPDATE

झारखंड: क्या फरार हो गया घोटाले का आरोपी नवीन केड़िया ? बेल निर्देशों के बावजूद नहीं पेश हुआ ACB के सामने, अब फिर से शुरू हुई तलाश

Jharkhand: Has scam accused Naveen Kedia absconded? Despite bail orders, he failed to appear before the ACB, and the search has now resumed.

रांची। झारखंड में करोड़ों रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब गिरफ्तार आरोपी नवीन केडिया ट्रांजिट बेल मिलने के बाद अचानक लापता हो गया। अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आरोपी न तो निर्धारित समय सीमा में रांची पहुंचा और न ही जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुआ। जिसके बाद अब एसीबी फिर से उसकी तलाश में जुट गयी है।

ACB ने नवीन केडिया को 8 जनवरी 2026 को गोवा में एक स्पा सेंटर से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पणजी की अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे सीमित अवधि की ट्रांजिट बेल दी थी। अदालत का आदेश था कि वह इस दौरान छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड लौटे और रांची में ACB के सामने आत्मसमर्पण करे, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

लेकिन जैसे ही ट्रांजिट बेल की अवधि समाप्त हुई, आरोपी का कोई अता-पता नहीं चला। न तो उसने जांच एजेंसी से संपर्क किया और न ही कोर्ट के समक्ष कोई सूचना दी। इस स्थिति के बाद ACB ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया है। सूत्रों के मुताबिक, टीमों ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड का संचालक बताया जाता है और उसका नाम झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में सामने आया है। ACB जांच एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले में शराब के कारोबार से जुड़े नियमों की अनदेखी, वित्तीय अनियमितता और अवैध लाभ कमाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसी कड़ी में केडिया की भूमिका की जांच की जा रही थी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांजिट बेल की शर्तों का उल्लंघन करना आरोपी की स्थिति को और कमजोर कर सकता है। अदालतें ऐसे मामलों में आमतौर पर सख्त रुख अपनाती हैं और भविष्य में जमानत मिलने की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। ACB अधिकारियों का भी मानना है कि आरोपी का फरार होना जांच को प्रभावित करने का प्रयास हो सकता है।

ACB अब आरोपी की संपत्तियों, बैंक खातों और हालिया गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही, उसके करीबी लोगों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह कहां छिपा हो सकता है। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो एजेंसी अदालत से गैर-जमानती वारंट सहित अन्य कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *