झारखंड: शिक्षा को लेकर हेमंत सरकार की बड़ी प्लानिंग, 12 लाख छात्राओं को मिलेगी खास सुविधा, 100 स्पेशल स्कूल का भी खाका तैयार, कैंसर व हार्ट पैसेंट के लिए….
Jharkhand: Hemant government's big plan for education, 1.2 million girl students will get special facilities, blueprint for 100 special schools also ready for cancer and heart patients...

झारखंड में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोलने और सरकारी व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की लगभग 12 लाख छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर रही है। वहीं, स्वास्थ्य बजट में हृदय रोग और कैंसर जांच-इलाज सुविधाओं के विस्तार पर फोकस रहेगा।
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रांची/24.2.26। हेमंत सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। झारखंड सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाने की प्लानिंग की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) खोलने की तैयारी शिक्षा विभाग ने कर ली है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन विद्यालयों के लिए स्कूलों का चयन कर लिया है और प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति ली जानी है।
शिक्षा पर रहेगा जोर
मिली जानकारी के मुताबिक इन उत्कृष्ट विद्यालयों का उद्देश्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देना है। चयनित स्कूलों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, उन्नत प्रयोगशालाओं और बेहतर शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लिए विभाग के पास पहले से ही पर्याप्त राशि उपलब्ध है, इसलिए इसे बजट में अलग से शामिल नहीं किया गया है।
100 करोड़ खर्च करेगी सरकार
साथ ही सरकार ने छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एक और अहम निर्णय लिया है। राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 12 लाख छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि यह पहल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू की जा रही है। योजना की स्वीकृति विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली योजना प्राधिकृत समिति से ली जाएगी।
हेल्थ सेक्टर पर सरकार का जोर
जो खबरें मिवित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इन दोनों योजनाओं को शामिल नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सेनेटरी पैड योजना पर विभागीय निर्णय बजट तैयार होने के बाद लिया गया, जिसके कारण इसके लिए राशि का प्रावधान आगामी अनुपूरक बजट में किया जा सकता है। वहीं, शिक्षा विभाग के बजट में इस वर्ष कोई नई योजना नहीं जोड़ी गई है और बजट आकार भी पिछले वित्तीय वर्ष के लगभग समान रखा गया है।
हार्ट व कैंसर रोगियों को मिलेगी सुविधा
उधर, स्वास्थ्य विभाग के बजट में हृदय रोग और कैंसर की जांच एवं उपचार सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के तहत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग के इलाज के लिए कैथ लैब स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्तन कैंसर की शीघ्र पहचान के लिए सभी सदर अस्पतालों में मेमोग्राफी जांच सुविधा बहाल करने की तैयारी है।
कैंसर जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में पेट स्कैनर सेंटर खोलने की योजना भी प्रस्तावित है। स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना और राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए बजट में बड़ी राशि के प्रावधान की संभावना है।








