झारखंड: सरयू राय के भतीजा व बन्ना गुप्ता के समर्थकों में मारपीट, हिंदू नववर्ष जुलूस के दौरान हुआ विवाद, चढ़ा सियासी पारा
Jharkhand: A scuffle broke out between Saryu Rai's nephew and Banna Gupta's supporters during a Hindu New Year procession, raising political heat.

हिंदू नववर्ष की शोभा यात्रा के दौरान दो राजनीतिक गुटों के नेताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई की नौबत आ गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ से स्थिति को संभाल लिया गया और जुलूस आगे बढ़ा।
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जमशेदपुर/19.3.23: हिंदू नववर्ष पर निकली शोभा यात्रा के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो अलग-अलग राजनीतिक गुटों से जुड़े नेताओं की भिड़ंत हो गयी। पूरा मामला जमशेदपुर के मानगो इलाके की है। दो गुटों में हुए विवाद बाद में हाथापाई में बदल गयी। इस घटना ने जहां मौके पर तनाव का माहौल पैदा कर दिया, वहीं बाद में यह मामला शहर की सियासत में चर्चा का विषय बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, हिंदू नववर्ष के अवसर पर शहर में विभिन्न संगठनों द्वारा शोभा यात्राएं निकाली जा रही थीं। इस दौरान मानगो के डिमना रोड पर भी अलग-अलग संगठनों के दो जुलूस एक ही मार्ग पर आगे-पीछे बढ़ रहे थे। एक जुलूस में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता अपने समर्थकों के साथ शामिल थे, जबकि दूसरे जुलूस का नेतृत्व विधायक सरयू राय कर रहे थे।
इसी दौरान, बन्ना गुप्ता के करीबी कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह मस्तान और सरयू राय के भतीजे व जदयू नेता आशुतोष राय के बीच अचानक कहासुनी शुरू हो गई। बताया जाता है कि जुलूस के दौरान आगे बढ़ने के क्रम में दोनों आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मामूली विवाद ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों को अलग किया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो मामला और गंभीर रूप ले सकता था।
घटना की जानकारी मिलते ही बन्ना गुप्ता और सरयू राय भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण में आ चुकी थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखते हुए शोभा यात्रा को पुनः आगे बढ़ाया गया।हालांकि, इस घटना के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हिंदू नववर्ष जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस झड़प ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। स्थानीय स्तर पर लोग इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि धार्मिक आयोजनों के दौरान इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।फिलहाल, स्थिति सामान्य है और प्रशासन की ओर से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।








