झारखंड में बिजली का झटका: 1 अप्रैल से झारखंड में बढ़कर आयेगा बिजली बिल, जानिये घरेलू उपभोक्ता व कामर्शियल उपभोक्ताओं को अब कितनी देनी होगी कीमत
Electricity Shock in Jharkhand: Electricity Bills to Rise in Jharkhand Starting April 1; Find Out How Much Domestic and Commercial Consumers Will Now Have to Pay.

झारखंड में बिजली दरों में औसतन 6.12% की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, जबकि फिक्स चार्ज में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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रांची। झारखंड में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। राज्य में 1 अप्रैल से बिजली महंगी हो जायेगी। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने JBVNL के प्रस्ताव पर विचार करते हुए बिजली दरों में औसतन 6.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
JBVNL ने बिजली दरों में करीब 59% वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने जांच और समीक्षा के बाद इसे काफी कम करते हुए केवल 6.12% वृद्धि को ही मंजूरी दी।नई दरें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेंगी।
अलग-अलग उपभोक्ताओं पर क्या असर
नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बदलाव किया गया है:
• ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता: ₹6.70 से बढ़कर ₹7.20 प्रति यूनिट (फिक्स चार्ज ₹75 यथावत)
• शहरी घरेलू उपभोक्ता: ₹6.85 से बढ़कर ₹7.40 प्रति यूनिट (फिक्स चार्ज ₹100 यथावत)
• घरेलू HT उपभोक्ता: ₹6.40 से बढ़कर ₹7.20 प्रति यूनिट (फिक्स चार्ज ₹150 यथावत)
कॉमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ता
• ग्रामीण कॉमर्शियल: ₹6.20 से ₹6.70 प्रति यूनिट (फिक्स ₹120)
• शहरी कॉमर्शियल: ₹6.70 से ₹7.30–₹8.00 प्रति यूनिट (फिक्स ₹400)
• इंडस्ट्रियल लो टेंशन: ₹6.10 से ₹6.60 प्रति यूनिट
• अन्य औद्योगिक इकाइयां: ₹5.90 से ₹6.40 प्रति यूनिट
अन्य श्रेणियों में बदलाव
• स्पेशल सर्विस: ₹5.25 से ₹5.80 प्रति यूनिट
• स्ट्रीट लाइट: ₹7.00 से ₹7.60 प्रति यूनिट
• RTS (रूफटॉप सोलर): ₹5.80 से ₹6.50 प्रति यूनिट
ई-वाहन चार्जिंग पर राहत
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दरों में कमी की है:
• दिन (सोलर आवर): ₹7.31 से घटाकर ₹7.00 प्रति यूनिट
• रात (नॉन-सोलर): ₹8.77 से घटाकर ₹8.70 प्रति यूनिट
इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ेगा, खासकर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर। हालांकि फिक्स चार्ज में कोई बदलाव नहीं होने से कुछ हद तक राहत भी बनी हुई है। वहीं, ई-वाहनों के लिए दरों में कमी सरकार की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।









