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झारखंड: ..जब उपराष्ट्रपति ने कहा..”मंत्रीजी! सड़कें ठीक करवाईये, यहां की सड़कें बहुत खराब है” 6 किमी में 200 से ज्यादा गड्ढे उजागर

Jharkhand: ...When the Vice President said, "Mr. Minister! Get the roads repaired; the roads here are in very poor condition." Over 200 potholes exposed within a stretch of just 6 km.

आईआईएम रांची के दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शहर की जर्जर सड़कों पर चिंता जताई। निरीक्षण में 6 किलोमीटर सड़क पर 200 से अधिक गड्ढे पाए गए, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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रांची। झारखंड की सड़कें कितनी बदतर है, इसका अहसास देश के उपराष्ट्रपति को भी हो गया। लिहाजा, दीक्षांत समारोह में पहुंचे उपराष्ट्रपति को भरे मंच से कहना पड़ गया कि “मंत्रीजी! यहां की सड़कें बहुत खराब है, कृप्या उसे ठीक कराईये” देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में शामिल भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पहुंचे थे। इस दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति पर सार्वजनिक रूप से नाराज़गी जताई।

अपने संबोधन में उन्होंने नगर विकास एवं उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार को सीधे तौर पर सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया।उपराष्ट्रपति ने खासतौर पर अरगोड़ा चौक से पुंदाग होते हुए आईआईएम रांची तक जाने वाली सड़क की खराब स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर शहर में फ्लाईओवर और नई सड़कों का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर एक प्रतिष्ठित संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क जर्जर हालत में है, जो चिंताजनक है।

उनके इस बयान पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर समर्थन भी जताया।कार्यक्रम के बाद मीडिया टीम द्वारा की गई जमीनी पड़ताल ने स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया। करीब 6 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 200 से अधिक गड्ढे पाए गए। सबसे खराब हालात आईएसएम चौक से अरगोड़ा मुक्तिधाम पुल के बीच देखने को मिले, जहां सड़क कई जगहों पर पूरी तरह उखड़ चुकी है।

पुल से पहले का हिस्सा बेहद जर्जर है, जबकि पुल से पेट्रोल पंप तक के रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सड़क पर उड़ती धूल और कई जगहों पर नालों का गंदा पानी बहता हुआ मिला, जिससे हालात और भी खराब हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है और आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि उपराष्ट्रपति के दौरे से ठीक पहले सड़क के गड्ढों को जल्दबाजी में भरने की कोशिश की गई थी। कई जगहों पर ताजा सीमेंट और अलकतरा डाला गया था, जबकि कुछ गड्ढों को पत्थरों से ढककर अस्थायी रूप से ठीक करने का प्रयास किया गया। इससे साफ है कि मरम्मत केवल दिखावे के लिए की गई थी, न कि स्थायी समाधान के लिए।

हालांकि प्रशासन की ओर से इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने का दावा किया गया है। अरगोड़ा से पुंदाग होते हुए नया सराय रिंग रोड तक फोरलेन सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लगभग 6.175 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में पुल-पुलिया का निर्माण भी शामिल है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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