झारखंड: दुर्गापूजा मेले में मच गया हड़कप, तेजी में छिपकिली झूला एक ओर झुका, मच गयी चीख पुकार, कई लोग ऊंचाई से कूदे

रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उल्लास खूब दिख रहा है। राजधानी के बकरी बाजार में जबरदस्त मेला लगा है। रविवार की रात मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेले का मुख्य आकर्षण बना ‘छिपकली स्टाइल झूला’ अचानक हवा में एक तरफ झुक गया। झूले में आई तकनीकी खराबी के कारण उस पर सवार लोगों की जान आफत में पड़ गई। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों को मामूली चोटें भी आई हैं।
हवा में झुका झूला, सवार लोगों की अटकी सांसें
मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त झूले पर कई लोग सवार थे। अचानक झूला एक तरफ झुकने से उस पर बैठे लोगों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि एक परिवार काफी देर तक हवा में फंसा रहा। इस दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हाइड्रोलिक मशीन में खराबी की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, झूले की हाइड्रोलिक मशीन में तकनीकी खराबी आने से यह स्थिति बनी। हालांकि, पूजा समिति के आयोजकों ने दावा किया कि झूले पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने के कारण यह हादसा हुआ। आयोजकों के मुताबिक, लोगों को ज्यादा संख्या में झूले पर चढ़ने से मना किया गया था, लेकिन कथित तौर पर चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। अधिक भार पड़ने से मशीन का एक हिस्सा टूटने की बात भी कही गई है।
झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद दुर्गा पूजा मेलों में लगाए जाने वाले झूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने झूलों की तकनीकी जांच, नियमित रखरखाव और फिटनेस प्रमाणपत्र सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, मेले में झूलों के संचालन के लिए जरूरी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच की आवश्यकता भी जताई जा रही है।
बड़े हादसे की आशंका से सहमे लोग
दुर्गा पूजा के दौरान बकरी बाजार मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में झूले का अचानक हवा में झुक जाना लोगों के लिए डरावना अनुभव रहा। गनीमत रही कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, झूले में आई खराबी और सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवालों ने मेले के आयोजनों में सतर्कता बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।











