शादी के 10 महीने बाद भी नहीं मनी सुहागरात, पत्नी शारीरिक संबंध बनाने पति से कहती, तो पति कर देता था पिटाई, फिर तीन तलाक देकर घर से निकाला
मुजफ्फरनगर में महिला ने पति पर शादी के 10 महीने बाद भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने, विरोध पर मारपीट और तीन तलाक देकर घर से निकालने का आरोप लगाया। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत की।

Crime News: शादी के 10 महीने बाद भी पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध नहीं बने। जब पत्नी ने इसको लेकर सवाल उठाए, तो पति कथित तौर पर मारपीट पर उतर आया। मामला इतना बढ़ा कि पति ने तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया। मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है, जहां अब पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
पत्नी ने अपने पति पर शादी के करीब 10 महीने बाद भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने, विरोध करने पर मारपीट करने और तीन तलाक देकर घर से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में शिकायत दी है। महिला ने अपने मायके पक्ष के कुछ लोगों पर भी उसकी समस्या को नजरअंदाज करने और समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मर्जी के खिलाफ निकाह कराने का भी आरोप
मामला मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के युसुफपुर गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता शीबा के मुताबिक, उसका निकाह 15 दिसंबर 2025 को खालापार थाना क्षेत्र के सुजडू गांव निवासी आसिफ के साथ हुआ था। महिला का आरोप है कि उसकी बहन हिना और बहनोई हसन ने उसकी इच्छा के खिलाफ यह रिश्ता तय कराया था।शीबा का कहना है कि शादी के बाद ससुराल में उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
10 महीने तक नहीं बने शारीरिक संबंध, विरोध करने पर मारपीट का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद उसका पति उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बना पाया। महिला के मुताबिक, जब उसने इस विषय पर पति से बात की और अपनी परेशानी बताई, तो वह नाराज हो जाता था।
शीबा का आरोप है कि इस मुद्दे पर बातचीत करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे चुप रहने के लिए दबाव दिया जाता था। महिला ने अपनी परेशानी की जानकारी पहले ही अपनी बहन को देने की बात भी कही है।
बहन और बहनोई पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, उसने करीब तीन महीने पहले अपनी बहन को वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों के बारे में बताया था। लेकिन उसे मदद मिलने के बजाय कथित तौर पर उसी घर में रहने और समझौता करने की सलाह दी जाती रही।महिला का कहना है कि परिवार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण उसकी परेशानी बढ़ती गई। इस मामले में बहन और बहनोई का पक्ष सामने आना बाकी है।
मारपीट के बाद तीन तलाक देकर घर से निकालने का आरोप
शीबा के अनुसार, 15 अक्टूबर को विवाद बढ़ने पर आसिफ ने उसके साथ मारपीट की और तीन बार तलाक बोलकर उसे घर से बाहर निकाल दिया। महिला ने ससुराल पक्ष के लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।पीड़िता का कहना है कि उसे अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। उसने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता, जांच में जुटी पुलिस
महिला के मुताबिक, स्थानीय थाने में सुनवाई नहीं होने के बाद उसने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी। अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर है।गौरतलब है कि भारत में तत्काल तीन तलाक की प्रथा कानूनन प्रतिबंधित है। मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत तत्काल और अपरिवर्तनीय तलाक की घोषणा को शून्य और अवैध घोषित किया गया है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।












