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झारखंड: पूर्व मंत्री को टांगकर धरनास्थल से प्रशासन ने हटाया, सड़क पर दीवार खड़ी कर बैठे थे धरने पर, नोंकझोंक के बाद प्रशासन का एक्शन..

Jharkhand: Former minister dragged and removed from protest site by administration; he had erected a wall on the road and was sitting on protest, administration took action after altercation.

हजारीबाग। केरेडारी में धरना पर बैठे पूर्व मंत्री को पुलिस ने जबरिया हटा दिया है। इस दौरान धरनास्थ पर काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से प्रशासन के लोगों की काफी देर तक नोकझोंक होती रही। इस दौरान ट्रैफिक बाधित रही। इस दौरान मंत्री ने आत्महत्या करने की धमकी भी दी।

आपको बता दें कि केरेडारी स्थित एनटीपीसी की चट्टीबारिया केरेडारी कोल परियोजना में कोयले की ढुलाई के लिए बनी 2.2 किमी लंबी ट्रांसपोर्टिंग सड़क को गुरुवार की देर रात पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव द्वारा बाउंड्री देकर रोक दिया गया था। इस कवायद के बाद कोयला ढुलाई घंटों ठप हो गई। सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे परियोजना को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

दरअसल पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव का दावा था कि जोरदाग गांव की एक बुजुर्ग रैयत महिला से 60 डिसमिल जमीन का एग्रीमेंट किया गया है, जो ट्रांसपोर्टिंग सड़क के दायरे में आती है। जबकि एनटीपीसी का कहना है कि गैरमजरूआ आम खाता संख्या 803 की भूमि को लेकर गांव की महिला छबिया देवी से एग्रीमेंट कर निर्धारित राशि का भुगतान किया गया है।

इधर कोयला ढुलाई अवरुद्ध होता देख जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट दिलीप दास की नियुक्ति की। मजिस्ट्रेट ने पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक निर्मला देवी से समझाने की कोशिश की। इस दौरान काफी तीखी नोंकझोंक भी हुई। जिसके बाद प्रशासन ने बाउंड्री को तोड़ते हुए ट्रांसपोर्टिंग सड़क को खाली कराया, जिसके बाद कोयला ढुलाई पुनः शुरू हो सकी।

इस संबंध में केरेडारी अंचल अधिकारी राम रतन वर्णवाल ने स्पष्ट किया कि गैरमजरूआ आम या गैरमजरूआ खास भूमि पर किसी तीसरे व्यक्ति के नाम एग्रीमेंट कानूनन मान्य नहीं है, ऐसे में पूर्व कृषि मंत्री का दावा सही नहीं ठहरता।

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