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पति नामर्द है तलाक चाहिये: सुहागरात के दिन नहीं बनाया संबंध, नहीं दे पाता शारीरिक संतुष्टि, महिला ने मांगा तलाक, पति बोला, नहीं रह सकता तेरे बिना…

Husband is impotent, wants divorce: Did not have sex on the wedding night, cannot give physical satisfaction, woman asks for divorce, husband says, I cannot live without you...

Regional News/20.1.26 : पति को नामर्द बताकर महिला ने तलाक की मांग की है। महिला का आरोप है कि पति शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम नहीं है, यह बात शादी से पहले छिपाई गई थी। मामला अब बिहार राज्य महिला आयोग तक पहुंच गया है, जहां 2 फरवरी को अगली सुनवाई तय की गई है।

बिहार के गया जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील और चर्चित पारिवारिक मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम महिला ने शादी के सात साल बाद अपने पति से तलाक लेने की पहल की है। पत्नी का आरोप है कि उसका पति उसकी शारीरिक जरूरतें पूरी करने में असमर्थ है और यह बात शादी से पहले जानबूझकर उससे छिपाई गई।

महिला का कहना है कि वह अब इस रिश्ते में और नहीं रह सकती और अपनी मर्जी से निकाह खत्म करना चाहती है।पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी करीब सात साल पहले हुई थी। लेकिन शादी की पहली ही रात से उसे अपने पति के व्यवहार पर संदेह होने लगा। उसने बताया कि पहली रात पति ने न तो उससे कोई बातचीत की और न ही कोई शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद वह अक्सर उससे दूरी बनाए रखते थे।

शादी के महज दस दिन बाद वह मायके चली गई, लेकिन इस दौरान पति ने न तो फोन किया और न ही मिलने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि जब उसने खुद पति से संपर्क किया तो उसने साफ शब्दों में कहा कि उसे उससे कोई मतलब नहीं है। कुछ समय बाद वह दोबारा ससुराल गई, जहां पति से विवाद हुआ और फिर वह मायके लौट आई। बाद में जेठानी से उसे पता चला कि उसके पति का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और यह बात उससे पहले कभी साझा नहीं की गई थी।

पीड़िता ने बताया कि समाज और रिश्तेदारों के सवालों के दबाव में वह दोबारा ससुराल गई। इस दौरान जब उसने पति से संतान को लेकर बात की तो पति ने कहा कि उसके नसीब में बच्चा नहीं है। इस बात से वह मानसिक रूप से टूट गई और अवसाद में चली गई। महिला का आरोप है कि पति दवा खाकर ही उससे संबंध बना पाता था और कई बार दवा के बावजूद भी संबंध नहीं बन पाए।महिला ने कहा कि उसे आत्महत्या तक के विचार आने लगे थे, लेकिन माता-पिता की वजह से उसने खुद को संभाला।

इसी बीच शादी के करीब डेढ़ साल बाद वह गर्भवती हुई और एक बेटे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद वह मायके में ही रहने लगी। छह महीने बाद जब वह बच्चे को लेकर ससुराल गई तो वहां भी हालात नहीं बदले। उसने आरोप लगाया कि जेठानी का व्यवहार अपमानजनक था और पति भी उससे बातचीत नहीं करता था।मामला बढ़ने पर दोनों परिवारों की मौजूदगी में मदरसे में तलाक को लेकर बैठक हुई।

वहां सभी ने माना कि महिला के साथ गलत हुआ है और पति ने भी अपनी स्थिति स्वीकार की। परिवार के आग्रह पर महिला ने एक और मौका दिया, लेकिन कुछ महीनों बाद स्थिति फिर वैसी ही हो गई। अंततः महिला मायके लौट आई और तलाक की प्रक्रिया शुरू की।अब यह मामला बिहार राज्य महिला आयोग तक पहुंच गया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई है, क्योंकि उनका एक बेटा भी है।

हालांकि महिला तलाक के फैसले पर अड़ी हुई है। आयोग ने दोनों को सोचने के लिए समय दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई है।वहीं पति का कहना है कि वह पत्नी से अलग नहीं रह सकता। उसने आरोप लगाया कि जब वह बेटे से मिलने ससुराल गया तो पत्नी ने चाकू दिखाकर धमकाया।

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