SBI PO Salary: कितनी होती है बैंक मैनेजर की सैलरी ? SBI की महिला PO ने बतायी अपनी सैलरी, सुनकर आप भी रह जायेंगे हैरान, ढाई साल की नौकरी में सैलरी 1 लाख पार…. पढ़िये डिटेल
SBI PO Salary: How much does a bank manager earn? An SBI female Probationary Officer (PO) revealed her salary, and you'll be surprised to hear it! Her salary crossed ₹1 lakh in just two and a half years of service... Read the details.

Bank PO Salary : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI PO) की प्रोबेशनरी ऑफिसर श्वेता उप्पल की सैलरी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपनी इन-हैंड सैलरी का खुलासा किया, जिसे जानकर जहां कई लोग हैरान रह गए, वहीं लाखों युवाओं के लिए यह वीडियो बैंकिंग करियर की प्रेरणा भी बन गया है।
SBI PO Salary Detail: आज के युवाओं के लिए बैंकिंग सेक्टर में नौकरी काफी आकर्षक है। खासकर स्टेट बैंक आफ इंडिया में नौकरी पाने की चाहत सबसे ज्यादा होती है। बैंक में दो तरह की नौकरियों की वैकेंसी समय-समय पर आती रहती है। एक बैंक क्लर्क और दूसरी बैंक PO यानि बैंक में मैनेजर का पद। अभ्यर्थी बैंकिंग सेक्टर में जाने की इच्छा इसलिए भी ज्यादा रखते हैं, क्योंकि ये सेक्टर पब्लिक से डायरेक्ट रिलेट रहता है। अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग समय पर वैकेंसी आती रहती है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। SBI एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कोई नीति या योजना नहीं, बल्कि एक महिला अधिकारी की सैलरी है। SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के पद पर कार्यरत श्वेता उप्पल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी इन-हैंड सैलरी साझा की, जिसके बाद यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया। उनके इस वीडियो ने न केवल बैंकिंग अभ्यर्थियों का ध्यान खींचा, बल्कि SBI PO की नौकरी को लेकर चल रही चर्चाओं को भी नई दिशा दे दी।
श्वेता उप्पल ने इंस्टाग्राम पर @bankerstrick नाम के हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह पिछले ढाई साल से SBI में PO के रूप में कार्यरत हैं। श्वेता ने बताया कि उन्होंने IBPS PO परीक्षा 2022 में सफलता हासिल की थी और इसके बाद उनका चयन SBI में हुआ। वीडियो में उन्होंने अपनी वर्तमान सैलरी का पूरा ब्रेक-अप साझा किया।
श्वेता के अनुसार, उनकी मौजूदा इन-हैंड सैलरी करीब 95,000 रुपये प्रति माह है। इसके अलावा उन्हें 18,500 रुपये लीज रेंटल अलाउंस और लगभग 11,000 रुपये अन्य भत्तों के रूप में मिलते हैं। इस तरह कुल मिलाकर उनकी मासिक इन-हैंड कमाई एक लाख रुपये से अधिक हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सैलरी शुरुआती नहीं है, बल्कि 2.5 साल की सेवा और कुल 5 इन्क्रीमेंट के बाद की है।
श्वेता ने बताया कि इन पांच इन्क्रीमेंट में दो सालाना इन्क्रीमेंट शामिल हैं, जबकि तीन इन्क्रीमेंट उन्होंने JAIIB और CAIIB जैसी प्रोफेशनल बैंकिंग परीक्षाएं पास करने के बाद हासिल किए। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “यह मेरी 2.5 साल की नौकरी के बाद की सैलरी है। इसमें कुल 5 इन्क्रीमेंट शामिल हैं।”
वीडियो वायरल होते ही इसे 10 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। कई यूजर्स ने श्वेता की मेहनत और उपलब्धि की तारीफ की, वहीं कुछ लोगों ने एक PO की इतनी अधिक सैलरी पर सवाल भी उठाए। आलोचनाओं का जवाब देते हुए श्वेता ने स्पष्ट किया कि SBI PO की शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 56,000 रुपये होती है और समय के साथ इन्क्रीमेंट, भत्ते और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन के आधार पर सैलरी में बढ़ोतरी होती है।
यहां यह जानना भी जरूरी है कि JAIIB (Junior Associate of Indian Institute of Bankers) और CAIIB (Certified Associate of Indian Institute of Bankers) बैंकिंग क्षेत्र की प्रतिष्ठित प्रोफेशनल परीक्षाएं हैं। इन परीक्षाओं को पास करने पर बैंकों में अधिकारियों को अतिरिक्त इन्क्रीमेंट और प्रमोशनल लाभ मिलते हैं। इसी कारण श्वेता की सैलरी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर का पद एंट्री-लेवल मैनेजमेंट कैडर माना जाता है। इस पद पर चयनित अधिकारियों को बैंकिंग के हर क्षेत्र की ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें कस्टमर सर्विस, अकाउंट हैंडलिंग, कैश और लोन मैनेजमेंट, बैंकिंग प्रोडक्ट्स का प्रचार, स्टाफ सुपरविजन और नियमों का पालन जैसी जिम्मेदारियां शामिल होती हैं। SBI के PO को पर्सनल बैंकिंग, ग्रामीण बैंकिंग, क्रेडिट, फॉरेक्स और ट्रेजरी जैसे विभागों में काम करने का अवसर मिलता है।
श्वेता उप्पल की सैलरी का यह खुलासा न केवल चर्चा का विषय बना है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं। यह उदाहरण दिखाता है कि मेहनत, निरंतर सीख और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी आकर्षक करियर और बेहतर आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।









